लैंगिक समानता की मिसाल बना गांव खेड़ी-खुमार, 1516 पहुंचा लिंगानुपात
झज्जर, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लैंगिक समानता के मामले में जिले का नाम रोशन करने वाले गांव खेड़ी-खुमार में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सम्मान समारोह में पढ़ाई में अव्वल बेटियों, पंचायत सदस्यों व स्वास्थ्य विभाग की टीम को डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने नकद राशि व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
डीसी ने कहा कि लैंगिक समानता की बात आएगी तो खेडी खुमार के उल्लेखनीय उपलब्धि की जरूर चर्चा होगी और दूसरे गांवों के लिए प्रेरणादायक भी । उन्होंने कहा कि जिले का लिंगानुपात लगातार सुधर रहा है और इस प्रगति में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों का अहम योगदान है। प्रदेश सरकार द्वारा लिंगानुपात में बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों के सदस्यों, स्वास्थ्य विभाग की टीम व पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली गांव की बेटियों को सम्मानित करने के लिए योजना शुरू कर रखी है। जिला लैंगिक समानता की तरफ तेजी से अग्रसर है और महिलाओं के जीवन में शैक्षणिक व रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है।
सिविल सर्जन ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के दिशा निर्देशन में कार्य करते हुए स्वास्थ्य विभाग लिंगानुपात को बेहतर करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इस कार्य में काफी सफलता मिल रही है। उन्होंने बताया कि खेड़ी-खुमार गांव में लिंगानुपात 1516 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है जो समाज के सामने एक बड़ी मिसाल है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लिंगानुपात में बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांवों के पीएचसी कर्मचारियों, पंचायत सदस्यों व पढ़ाई में अव्वल तीन बेटियों को सम्मानित किया जाता है। कार्यक्रम में 10वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पारुल को 75 हजार, मुस्कान को 45 हजार व रिशू को 30 हजार रुपये के चेक देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा पीएचसी जहांगीरपुऱ व खेड़ी-खुमार के पंच-सरपंच को सम्मानित किया गया। गांव की एएनएम, आशा वर्कर व आंगनबाड़ी वर्करों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में काफी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
