जल व ऊर्जा संरक्षण थीम पर नेहरू कॉलेज में आयोजित होगा किसान मेला: एडीसी सलोनी शर्मा
मेले में सरकारी योजनाओं के लिए किसान करवा सकेंगे ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन
झज्जर, 20 फरवरी। जल एवं ऊर्जा संरक्षण के प्रति किसानों व आमजन को जागरूक करने के लिए जिले में फरवरी के अंतिम सप्ताह में किसान मेले का आयोजन किया जाएगा। किसान मेले की तैयारियों को लेकर एडीसी सलोनी शर्मा ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर दिशानिर्देश जारी किये। एडीसी ने बताया कि किसान मेला नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के तत्वाधान में फरवरी माह के अंत में स्थानीय स्नातकोत्तर नेहरू कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।
एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि किसान मेले का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाएगा व इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को जल एवं ऊर्जा के संरक्षण को लेकर जागरूक करना व सरकार द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर चलाई जा रही विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान समय में ऊर्जा व जल संरक्षण का महत्व काफी बढ़ गया है और सरकार द्वारा इनके संरक्षण के लिए किसानों व आम नागरिकों के लिए अनेक तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। मीटिंग के दौरान एडीसी ने कहा कि इन योजनाओं को जिले के प्रत्येक किसान व नागरिक तक पहुंचाने के लिए किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसान मेले में एक पारस्परिक संवाद (इंटरैक्टिव सत्र) होगा जो किसानों के लिए काफी फायदेमंद रहेगा। उन्होंने बताया कि ऐसे नई तकनीक से मॉडर्न खेती करने वाले किसान किसान मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। ऐसे किसानों को मेले में शामिल करने का मुख्य उद्देश्य अन्य किसानों को जागरूक करना है ताकि वह पारंपरिक खेती के अलावा नई तकनीक से खेती करते हुए ऊर्जा व जल संरक्षण में अपना योगदान देते हुए खेती से अधिक से अधिक मुनाफा कमाने के लिए प्रेरणा हासिल करे। मीटिंग में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। एडीसी ने अधिकारियों को किसान मेले को लेकर दिशा निर्देश जारी करते हुए ड्यूटियां निर्धारित की।
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विभिन्न विभागों की लगेगी प्रदर्शनी
एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि किसान मेले के दौरान जिले के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, बागवानी, बिजली निगम, मत्स्य पालन, सिंचाई एवं जल संसाधन सहित काफी विभाग अपनी प्रदर्शनी लगाएंगे और अपने-अपने विभागों की योजनाओं को मेले में पहुंचने वाले किसानों तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। इन प्रदर्शनियों पर विभागों द्वारा बड़े रचनात्मक ढंग से प्रस्तुतियां दी जाएंगी जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।
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मेले में अलग-अलग विषयों पर होंगे सत्र
एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि किसान मेले को अलग-अलग सत्र में विभाजित किया जाएगा। कृषि से जुड़े अलग-अलग विभागों द्वारा विभिन्न सत्रों में कृषि के लिए सरकार द्वारा दी चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। सोलर एनर्जी, वॉटर कंजर्वेशन से संबंधित कई योजनाओं के स्पेशल काउंटर स्थापित किये जाएंगे व किसान अपनी सुविधानुसार जल व ऊर्जा संरक्षण योजना के लिए वहां से रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
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विशेषज्ञों से रू-ब-रू होंगे किसान
एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि कृषि मेले में कृषि विशेषज्ञ भी शामिल होंगे जो किसानों को मॉडर्न कृषि तकनीकों से अवगत करवाएंगे कि किस प्रकार से जल एवं ऊर्जा संरक्षण के साथ कृषि की जा सकती है। इसके अलावा पारंपरिक कृषि के बजाए मॉडर्न तकनीक से कृषि करते हुए किसान अधिक मुनाफा कैसे कमा सकते हैं इसके बारे में भी जानकारी दी जाएगा। वैकल्पिक कृषि अपनाते हुए जो किसान अधिक मुनाफा कमा रहे हैं वह अपनी सफलता की कहानी किसानों के समक्ष रखेंगे जिससे किसान उनसे जागरूक होने के साथ अपनी सवालों के जवाब भी हासिल कर सकें।
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किसानों को जागरूक करने के लिए किसान मेले बेहतरीन अवसर
एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि जल एवं ऊर्जा संरक्षण को लेकर कई विभागों द्वारा सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। वैश्वीकरण के दौर में किसानों को जागरूक करना बेहद जरूरी है और किसान मेला विभिन्न विभागों के लिए एक बेहतरीन मंच है जहां से वह अपनी योजनाओं को लेकर किसानों को जागरूक कर सकते हैं। इस मेले को लेकर जिला प्रशासन बेहद गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। किसानों से संवाद करते हुए उन्हें जागरूक करने, उनकी सफलता की कहानियों को दुनिया के सामने लाने व उनकी समस्याओं के समाधान करने का ये एक बेहतरीन अवसर है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
