पीएम विश्वकर्मा योजना कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर को दिलाएगी नई पहचान : एडीसी
भारत की पारंपरिक कला और शिल्पकला को जीवित रखने और देश के कारीगरों और शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में योजना सहायक
झज्जर, स्थानीय राजकीय पीजी नेहरू कॉलेज सभागार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एडीसी सलोनी शर्मा ने मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस मौके पर एडीसी सलोनी शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित सरपंचों,सीएससी सेंटर संचालकों और कारीगरों को संबोधित करते हुए कहा कि शिल्पकार व कारीगर समाज के नवनिर्माण में अपना बहुमूल्य सहयोग देते हैं। शिल्पकारों व कारीगरों के हुनर को सम्मान देते हुए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की गई है जिससे शिल्पकारों व कारीगरों के हुनर को नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना भारत की पारंपरिक कला और शिल्पकला को जीवित रखने और देश के कारीगरों और शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगी। पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य बिंदु कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच के साथ -साथ गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना कि वे घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत हों। यह योजना पूरे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 18 विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिनमें नाव बनाना, शस्त्राकार, लुहार, हथौड़ा व लोहे के औजार बनाना, ताला बनाना, सुनार, कुंभकार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी, सुथार, चटाई बनाना, गुडिया व खिलौने बनाना, बारबर, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के लिए जाल बनाने का काम शामिल है। उन्होंने योजना के पात्र सभी कारीगरों का आह्वान किया कि वे तुरंत इस योजना को लेकर अपना रजिस्ट्रेशन करें और लाभ उठाएं।
इस बीच एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय करनाल के निदेशक संजीव चावला ने मुख्य अतिथि एडीसी सलोनी शर्मा का स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को बताया कि वे किस प्रकार इस योजना के तहत अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत आवेदन फार्म को गांव के सरपंच तथा शहरी स्थानीय निकाय के पार्षद द्वारा सत्यापित किया जाएगा कि आवेदनकर्ता द्वारा दर्शाया गया कारीगरी का कार्य वह करता है या नहीं। इस मौके पर जिला एमएसएमई की संयुक्त निदेशक नीलिमा ने और एलडीएम योगेंद्र बरनवाल ने भी सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कारीगरों का रजिस्ट्रेशन करने के लिए स्टॉल भी लगाए गए।
इस अवसर पर एमएसएमई के डायरेक्टर डीएफओ करनाल संजीव चावला, ज्वाइंट डायरेक्टर निलिमा, एलडीएम योगेंद्र बरनवाल, आईटीआई गुढा एट झज्जर के प्राचार्य जीतपाल, सीएससी के जिला प्रबंधक सुनील कादयान, औद्योगिक विस्तार अधिकारी दीपक, भाजपा जिला महामंत्री प्रवीण जांगड़ा, धर्मबीर वर्मा, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
