March 10, 2026

मीत हेयर द्वारा ऊर्जा संरक्षण उपायों को अपनाने वाली संस्थाओं का सम्मान

पेडा ने राज्य स्तरीय एनर्जी कंजरवेशन पुरुस्कार समारोह कराया

चंडीगढ़,     ऊर्जा खपतकारों को ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा कुशलता के प्रति उत्साहित करने के लिए किये जा रहे यत्नों के अंतर्गत पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) द्वारा आज सी. आई. आई., चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय ऊर्जा संरक्षण पुरुस्कार समारोह करवाया गया। पंजाब के खेल और युवा सेवाओं संबंधी मंत्री  गुरमीत सिंह मीत हेयर ने उन फैसिलटीज़/ यूनिटों को पुरुस्कार बाँटे, जिन्होंने राज्ये में पिछले दो सालों के दौरान ऊर्जा के कुशल प्रयोग, प्रबंधन और संरक्षण के लिए ठोस यत्न किये हैं। इस मौके पर श्री मीत हेयर ने कहा कि मानव अपने निजी लाभों के लिए कुदरती स्रोतों का दुरुपयोग करने के लिए जि़म्मेदार है और अब समय आ गया है कि हम सभी मिल कर आने वाली पीढिय़ों के लिए वातावरण को बचाने की ख़ातिर ऊर्जा संरक्षण सम्बन्धी यत्नों का हिस्सा बनें। उन्होंने सम्बन्धित विभागों, उद्योगों और संस्थाओं के द्वारा राज्य के अलग- अलग क्षेत्रों में ऊर्जा कुशलता और ऊर्जा संरक्षण को उत्साहित करने के लिए अलग- अलग पहलकदमियां करने के लिए पेडा की भी सराहना की। पेडा के चेयरमैन स. एच. एस. हंसपाल ने बिजली की माँग और स्पलाई के बीच के अंतर को भरने के लिए लोगों को नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने और ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा कुशलता उपायों को अपनाते हुये समझदारी के साथ बिजली का प्रयोग करने के लिए न्योता दिया। पेडा के सी. ई. ओ. डा. अमरपाल सिंह ने अपने कारोबार यूनिटों और संस्थाओं में ऊर्जा के प्रबंधन और संरक्षण के लिए ठोस यत्न करने के लिए पुरुस्कार विजेताओं की सराहना की। उन्होंने वातावरण की सुरक्षा के लिए लोगों को बड़े स्तर पर जागरूक करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा के नेतृत्व वाले नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग द्वारा जल्द ही स्टेट बायो- फ्यूल पालिसी और ग्रीन हाईड्रोजन पालिसी लाई जायेगी। पेडा के डायरैक्टर श्री एम. पी. सिंह ने राज्य में ऊर्जा संरक्षण प्रोग्रामों के अंतर्गत की पहलकदमियों पर रौशनी डाली। कनफैडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री ( सी. आई. आई.) के उत्तरी क्षेत्र के डायरैक्टर प्रशांत ए. एन. ने भी समागम को संबोधन किया। इस समागम में एनर्जी इंटैंसिव इंडस्ट्रीज, एस. एम. ई., व्यापारिक इमारतें, सरकारी इमारतें, आर्कीटैकट और सम्बन्धित विभागों के अलग-अलग वर्गों के खपतकारों ने हिस्सा लिया। 

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