February 15, 2026

म्यूचुअल फंड में 500 रुपये लगाकर भी बन सकते है करोड़पति, जानिए कैसे

नई दिल्ली – आज के समय में हर कोई लाइफ सिक्योर करने के लिए इंवेस्टमेंट प्लान बनाता है। मार्किट में म्यूचुअल फंड, एफडी समेत निवेश करने के लिए कई आप्शन मौजूद है। लेकिन लंबे समय तक किया गया निवेश एक अच्छा रिर्टन देता है। म्यूचुअल फंड में एसआईपी और लंप सम इंवेस्टमेंट दोनों ही कंपाउंडिंग का फायदा देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अगर यही निवेश आप 40 साल तक जारी रखते हैं, तो आपको करोड़ों रुपये का रिटर्न मिल सकता है। यही कंपाउंडिंग की ताकत है।

भारत में कुछ म्यूचुअल फंड में सिर्फ 100 रुपये मासिक एसआईपी से भी निवेश शुरू किया जा सकता है, लेकिन ज्यादातर म्यूचुअल में न्यूनतम एसआईपी 500 रुपये से है। आइए आज हम आपको दिखाते हैं कि देश की कुछ सबसे पुरानी और सफल म्यूचुअल फंड स्कीम में पिछले कुछ सालों में 500 रुपये मासिक एसआईपी करने पर कैसा रिटर्न मिला है।

निप्पॉन इंडिया ग्रोथ फंड
अक्टूबर 1995 में लॉन्च हुई निप्पॉन इंडिया ग्रोथ फंड ने अब तक 23.26% सालाना रिटर्न दिया है। इसमें 500 रुपये मासिक एसआईपी यानी कुल 1,72,000 रुपये का निवेश अब तक 1,15,07,578 रुपये हो चुका है। इसी तरह फ्रैंकलिन इंडिया प्राइमा फंड (दिसंबर 1993 में लॉन्च हुई) ने अब तक 20.77% सालाना रिटर्न दिया है। इसमें 500 रुपये की मासिक एसआईपी यानी कुल 1,83,000 रुपये का निवेश अब 1,00,71,043 रुपये हो गया है।

फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड
सितंबर 1994 में लॉन्च हुई फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड ने अबतक 20.22% सालाना रिटर्न दिया है। इसमें 500 रुपये की मासिक एसआईपी यानी कुल 1,78,000 रुपये का निवेश अब 77,06,798 रुपये हो गया है। वही, अक्टूबर 1995 आई निप्पॉन इंडिया विजन फंड ने तब से 18.94 प्रति रिटर्न दिया है। इसमें 500 रुपये की मासिक एसआईपी यानी कुल 1,72,000 रुपये का निवेश अब 49,64,658 रुपये हो गया है। आप देखेंगे कि सभी फंड्स में एसआईपी के जरिए किया गया निवेश कई गुना बढ़ चुका है। यही कंपाउंडिंग की ताकत है। एसआईपी न सिर्फ लंबे समय के लिए निवेश की आदत डालता है बल्कि बाजार के उतार-चढ़ाव को भी बैलेंस करता है। इसलिए अगर आप सोच समझ कर किसी कंपनी आदि में एसआईपी शुरू करते है तो लंबे समय बाद इसका आपकों अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *