पाकिस्तान में पेट्रोल की कमी से क्या इस वीकेंड थम जाएगी पूरे देश की रफ्तार?
इस्लामाबाद, खाड़ी देशों में लगातार जारी भयंकर तनाव और अफगानिस्तान के साथ बिगड़ते रिश्तों के बीच पाकिस्तान से एक बेहद खौफनाक खबर सामने आ रही है। अगर आप सोच रहे हैं कि पाकिस्तान की मुश्किलें कम हो गई हैं, तो जरा ठहरिए! पड़ोसी मुल्क में अब पेट्रोल और डीजल का भयानक अकाल पड़ने वाला है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि अगले कुछ ही घंटों में पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर ताले लटक सकते हैं और पाकिस्तान की रफ्तार पूरी तरह से थम सकती है।
पाकिस्तान सरकार भले ही सीना ठोककर यह दावा कर रही हो कि देश के पास अगले 20 से 25 दिनों तक का फ्यूल रिजर्व मौजूद है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने गुरुवार को एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए सरकार के इन खोखले दावों की पोल खोल दी है। एसोसिएशन का साफ कहना है कि उन्हें पिछले तीन दिनों से पेट्रोल की कोई सप्लाई ही नहीं दी गई है। तेल विपणन कंपनियां उन्हें लगातार परेशान कर रही हैं और उनकी तय डिमांड में सीधे 50 फीसदी तक की भारी कटौती कर दी गई है। डीलर्स का कहना है कि अगर हालात तुरंत नहीं सुधरे, तो इस वीकेंड तक पूरे पाकिस्तान में तेल लगभग खत्म हो जाएगा।
तेल की इस अभूतपूर्व किल्लत ने महंगाई से जूझ रही पाकिस्तान की अवाम की कमर पूरी तरह तोड़ दी है। एसोसिएशन के सेंट्रल सेक्रेटरी जनरल चौधरी इरफान इलाही ने हालात को बेहद खतरनाक बताया है। पीछे से तेल की सप्लाई रुकने के कारण देश में फ्यूल की कीमतों में अचानक आग लग गई है। इस संकट के बीच रातों-रात पेट्रोल की कीमतों में 35 रुपये (पाकिस्तानी) और डीजल के दामों में 17 रुपये तक का भयानक उछाल आ गया है। डीजल की सप्लाई गिरकर महज 20 फीसदी रह गई है। सेंट्रल पंजाब के अध्यक्ष नौमान मजीद ने तो यह तक बड़ा पर्दाफाश किया है कि कुछ निजी कंपनियों ने इस संकट का फायदा उठाते हुए बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम डक्ट्स की ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी शुरू कर दी है।
चारों तरफ मचे इस हाहाकार के बीच पेट्रोल पंप संचालकों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर है। संचालक लगातार सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें तुरंत पर्याप्त फ्यूल मुहैया कराया जाए। उनका सबसे बड़ा दर्द और नाराजगी इस बात को लेकर है कि सरकारी अधिकारी सप्लाई रोकने वाले मुख्य डिपो पर कार्रवाई करने की बजाय, खाली पड़े पेट्रोल स्टेशनों पर चेकिंग और छापेमारी करके उन्हें ही निशाना बना रहे हैं।
