कौन है सुखबीर बादल पर गोली चलाने वाला नारायण सिंह चौड़ा ?
विमान हाइजैक कर पाकिस्तान ले जाने वाले दल से है कनेक्शन
अमृतसर: पंजाब पुलिस के मुताबिक, सुखवीर बादल पर हमला करने वाला नारायण सिंह जौड़ा गुरदासपुर जिले के थाना डेरा बाबा नानक इलाके के गांव चौड़ा के वार्ड नबर तीन का रहने वाला है। उसकी जन्म 4 अप्रैल 1956 को चौड़ा गांव में हुआ। नारायण सिंह के पिता नाम चनन सिंह है। उसने अकाली दल के नेता सुखबीर बादल पर फायर किया। वहां मौजूद सुरक्षा बलों ने हमला रोककर उसे गिरफ्तार कर लिया।
नारायण सिंह चौड़ा खुद को गरमख्याली खालिस्तान समर्थक नेता बताता है। वह खालिस्तान समर्थक आतंकी संगठन बब्बर खालसा से भी पूर्व में जुड़ा रहा है। वह चंडीगढ़ जेल ब्रेक कांड का भी आरोपी है। साल 2004 में जेल तोड़कर चार खालिस्तानी आतंकी फरार हो गए थे। आरोप है कि नारायण ने इस कांड में आतंकियों की मदद की थी। नारायण सिंह चौड़ा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) यूएपीए अधिनियम के तहत लंबे वक्त तक जेल में रहने के बाद बेल पर बाहर आया था। उसने अमृतसर सेंट्रल जेल में पांच साल गुजारे हैं। वो बब्बर खालसा, खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और अकाल फेडरेशन से जुड़ा हुआ था। उसे 28 फरवरी, 2013 को तरनतारन के जलालाबाद गांव से गिरफ्तार किया गया था।
नारायण सिंह चौड़ा पर अमृतसर के सिविल लाइंस थाने में विस्फोटक अधिनियम के तहत केस भी दर्ज है। वह अमृतसर, तरनतारन और रोपड़ जिलों में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामलों में भी आरोपी है। नारायण 1984 में पाकिस्तान चला गया था। उसने उग्रवाद के शुरुआती दौर में पंजाब में हथियारों और विस्फोटकों की बड़ी खेपों की तस्करी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पाकिस्तान में रहते हुए उसने कथित तौर पर गुरिल्ला युद्ध और ‘देशद्रोही’ साहित्य पर एक किताब लिखी थी।
नारायण सिंह चौड़ा को दल खालसा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। दल खालसा के संस्थापक गजिंदर सिंह की मौत 74 साल की उम्र में हुई। वह एक कुख्यात आतंकी था। उसने 29 सितंबर 1981 में इंडियन एयरलाइंस की दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली उड़ान को हाइजैक कर पाकिस्तान के लाहौर ले गए थे। आईसी-423 विमान में 111 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे।
