February 25, 2026

जब नहीं पहुंची 108 तो गांव की महिलाओं ने सामुदायिक भवन में करवाई डिलीवरी

2 घंटे इंतजार करने के बाद भी करमाली पंचायत में नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस

डिलीवरी के बाद रायपुर अस्पताल से 108 पहुंची मौके पर, ऊना में चल रहा जच्चा- बच्चे का उपचार, मां में खून की कमी

अजय कुमार, बंगाणा, उपमंडल बंगाणा के ग्राम पंचायत करमाली के गांव बग्गी में एक गर्भवती महिला का पति 108 पर सोमवार सुबह 6:00 बजे बार-बार फोन करता रहा। लेकिन 108 एंबुलेंस न पहुंचने पर पीड़ित महिला का पति ने थक हार कर उसे लेकर बंगाणा अस्पताल के लिए रवाना हुआ तो उक्त महिला को प्रसव दर्द ज्यादा बढ़ गया। गांव की महिलाओं रक्षा देवी एवं शैलजा देवी ने गांव के सामुदायिक भवन में उक्त महिला की डिलीवरी करवाई। पीड़ित महिला के पति जोगिंदर सिंह ने बताया कि मेरी पत्नी मनीषा देवी की डिलीवरी होनी थी। जब मनीषा को ज्यादा प्रसव की दर्द शुरू हुई तो उसने सोमवार सुबह 6:00 बजे 108 एंबुलेंस को फोन किया। उधर से कहा गया कि 10 मिनट तक 108 एंबुलेंस आपके पास पहुंच जाएगी, लेकिन 2 घंटे बीत जाने के बाद भी 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची। उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा बढ़ रही थी तब उसने गांव के कुछ युवाओं के साथ पत्नी को लेकर बंगाणा अस्पताल के लिए चल पड़ा। लेकिन जब मनीषा को प्रसव पीड़ा अधिक हो गई तो सामुदायिक भवन करमाली में गांव की महिलाओं रक्षा एवं शैलजा ने मनीषा की डिलीवरी करवा दी। करीब 8:30 बजे 108 एंबुलेंस भी पहुंच गई और उस एंबुलेंस के माध्यम से मनीषा और नवजात शिशु को बंगाणा अस्पताल पहुंचाया गया। बंगाणा अस्पताल में उपचार के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रेफर कर दिया गया है। बंगाणा सिविल अस्पताल के इंचार्ज डॉ अजय जसवाल ने बताया कि वैसे तो मां- बच्चा ठीक है लेकिन महिला के प्रसव के समय अधिक रक्त जाने की वजह से खून की कमी आ गई है इसलिए उन्हें ऊना रेफर किया है। वहीं जब 108 एंबुलेंस चालक से इसके बारे में जाना तो उसका कहना था कि वह मरीज लेने के लिए दूसरी जगह गया था। 108 हेड क्वार्टर से उसे फोन आया था और उसने तकरीबन 2 घंटे का समय बताया था। वहीं सोलन हेड क्वार्टर से रायपुर अस्पताल को सूचना करके वहां से एंबुलेंस को भेजा गया था, इस वजह से देरी हुई है।

करीब 20 पंचायतों को जोड़ने वाले सिविल अस्पताल में मात्र एक एंबुलेंस

ज्ञात रहे उपमंडल बंगाणा के सिविल अस्पताल से करीब 20 पंचायतों के हजारों परिवार स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जुड़े हैं। बंगाणा अस्पताल के साथ रायपुर मैदान, लाठियानी, धुसाड़ा, थानाकलां, सोहारी अस्पताल जुड़े हैं। लेकिन अगर रायपुर और धुसाडा अस्पताल को छोड़ दिया जाए तो अन्य अस्पतालों में मात्र एक 108 एंबुलेंस सेवाएं दे रही है जो कहीं न कहीं जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ है। 100 किलोमीटर के दायरे में एक एंबुलेंस का होना चिंता का विषय है। आखिर किस प्रकार मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा यह विचार करने का विषय है।

पूर्व सरकार ने अस्पताल तो अपडेट कर दिए लेकिन सुविधाएं जीरो: भुट्टो

कुटलैहड़ के विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय बंगाणा को 50 बेड का सिविल अस्पताल घोषित कर दिया गया था लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं जीरो के बराबर रही है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तो उन्होंने बंगाणा अस्पताल में 3 डॉक्टरों की स्थाई नियुक्तियां करवाई और स्टाफ भी मुहैया करवाया है। बहुत जल्द बंगाणा, थानाकलां को एक-एक एंबुलेंस उपलब्ध होने जा रही है और बंगाणा मुख्यालय पर अस्पताल एक मॉडल अस्पताल बनने जा रहा है।

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