पश्चिम बंगाल में एसआईआर के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन
भीड़ ने बीडीओ दफ्तर फूंका; पुलिस पर पथराव
कोलकाता, पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन गुरुवार को हिंसक हो गया। उत्तरी दिनाजपुर जिले के चाकुलिया में उग्र भीड़ ने कानून व्यवस्था को ताक पर रखते हुए ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के कार्यालय पर धावा बोल दिया। गुस्साई भीड़ ने दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी, जिससे करीब 20 लाख रुपये की सरकारी संपत्ति जलकर खाक हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी उपद्रवियों ने पथराव कर दिया, जिसमें चाकुलिया थाने के स्टेशन इंचार्ज घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए एफआईआर दर्ज की है और 10 लोगों को हिरासत में ले लिया है। तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
हंगामा कर रहे लोगों का आरोप है कि मतदाता सूची के सत्यापन और सुनवाई के लिए उन्हें बार-बार नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है। इसी गुस्से में भीड़ ने बीडीओ दफ्तर के अंदर घुसकर कंप्यूटर तोड़ दिए, फर्नीचर तहस-नहस कर दिया और अहम फाइलों व सरकारी दस्तावेजों को आग के हवाले कर दिया। उपद्रवियों का गुस्सा यहीं नहीं थमा, उन्होंने दफ्तर का सामान बाहर निकालकर फूंक दिया और खिड़की-दरवाजे तक तोड़ दिए। हद तो तब हो गई जब आग बुझाने आ रही दमकल गाड़ियों का रास्ता रोकने के लिए सड़कों पर टायर जला दिए गए, ताकि फायर फाइटर्स मौके पर न पहुंच सकें।
इस हिंसक घटना पर पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी ने भी बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि गोलपोखर-2 के बीडीओ सुजॉय धर ने चाकुलिया पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि बदमाशों की भीड़ ने सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया और अधिकारियों को चोटिल किया। चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने एसआईआर सुनवाई स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।
बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन इलाकों में एसआईआर का विरोध हो रहा है, वे मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं। मजूमदार का आरोप है कि टीएमसी विधायक लोगों को जानबूझकर भड़का रहे हैं ताकि प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश की जा सके।
