March 12, 2026

नागरिकों के लिए लाभकारी साबित हो रहे विकसित भारत संकल्प यात्रा-जनसंवाद कार्यक्रम

– सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों व पारितोषिक वितरण के साथ दो -दिवसीय गीता महोत्सव 2023 का समापन

झज्जर, 23 दिसंबर। श्रीमद भगवद गीता का ज्ञान कर्म पर आधारित है। यह मनुष्य के साथ 24 घंटे और 12 महीने चलता रहता है। पीएम मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गीता के ज्ञान को दुनिया भर में पहुंचाने का अनूठा कार्य किया है। मुख्य अतिथि सांसद डॉ अरविंद शर्मा ने जिला स्तरीय गीता महोत्सव में अपना संबोधन देते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने की। जिला मुख्यालय स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती स्टेडियम में चल रहे दो दिवसीय गीता महोत्सव 2023 के दो दिवसीय महोत्सव का शनिवार की शाम गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। दो दिवसीय गीता महोत्सव के अंतिम दिन सांय कालीन सत्र में सांसद डा अरविंद शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस उपरांत मुख्य अतिथि ने सांस्कृतिक संध्या का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। सांसद डॉ शर्मा ने अपना संबोधन देते हुए कहा कि गीता का ज्ञान कर्म पर आधारित है। हम गीता के ज्ञान को आत्मसात कर जीवन की हर मुश्किल का हल निकाल सकते हैं। मनुष्य को फल की इच्छा बगैर निरंतर मेहनत करते रहना चाहिए, निश्चित रूप से फल भी अच्छा ही मिलेगा। सांसद डा अरविंद शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता में संसार की सभी समस्याओं का समाधान है। गीता को कितनी बार पढ़ा जाए, हर बार जीवन को समझने का नया संदेश अलग तरीके से सामने आता है। गीता व्यक्तिगत विकास , मोह व लालच से निकलने का सशक्त साधन है। आज हमारी देश की सभ्यता व संस्कृति का पूरे विश्व में अनुसरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता भारतीय संस्कृति की धरोहर का मूल सार है, जो ज्ञान, धर्म और कर्म को प्रतिपादित करती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गीता महोत्सव कुरूक्षेत्र के साथ-साथ सभी जिलों में मनाने का निर्णय सराहनीय है,जिसके चलते पिछले दो दिनों से गीता पर आधारित कार्यक्रमों से भक्ति भावना को बल मिला है। उन्होंने कहा कि गीता ज्ञान को धारण करने और अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए नागरिकों को अपना योगदान देना चाहिए, तभी भारत एक बार फिर से विश्व में ज्ञान गुरु की उपाधि प्राप्त करेगा। उन्होंने गीता जयंती में भाग लेने वाले प्रतिभागियों, समाज सेवी संस्थाओं, जिला प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को पुरस्कृत किया। उन्होंने शानदार आयोजन के लिए जिला प्रशासन और जिला सूचना जनसंपर्क, भाषा एवं सांस्कृतिक विभाग की सराहना की। गीता का ज्ञान किसी धर्म विशेष के लिए नहीं, बल्कि मानव कल्याण के लिए डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने मुख्य अतिथि सांसद डॉ अरविंद शर्मा का स्वागत करते हुए कहा कि गीता में हर समस्या का समाधान मौजूद है। भगवद गीता किसी एक धर्म , पंथ विशेष के लिए नहीं बल्कि मानव कल्याण के लिए है। हमें अपना कर्म करने का संदेश देती है और हर धर्म भी अच्छा कार्य करने का संदेश देता है। उन्होंने मौजूद छात्रों को विशेष रूप से कहा कि आपका कर्म शिक्षा के साथ संस्कार प्राप्त करना है। इसलिए अपना कार्य मेहनत से करें , फल भी अच्छा मिलेगा।डीआईपीआरओ सतीश कुमार ने समापन पर आभार संबोधन देते हुए दो दिवसीय गीता महोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी का आभार प्रकट किया। उल्लेखनीय है कि सूचना, जनसंपर्क ,भाषा एवं सांस्कृतिक विभाग हरियाणा और जिला प्रशासन झज्जर की ओर से गीतापुरम में पिछले दो दिनों से चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शनिवार की शाम गीता पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों व पारितोषिक वितरण के साथ समापन हो गया। — ये रहे मौजूद इस अवसर पर जिप चेयरमैन कप्तान बिरधाना, पूर्व मंत्री कांता देवी, पूर्व चेयरपर्सन सुनीता चौहान, प्रमोद बंसल, मनीष नंबरदार,हरि प्रकाश यादव,केशव सिंघल, गोपाल गोयल, प्रशासन की ओर से एसडीएम विशाल, डीआरओ प्रमोद चहल, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार,जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी ललिता मलिक, कृषि अधिकारी डॉ ईश्वर जाखड़, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार मास्टर महेंद्र, संजय शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। – बेरी में गीता महोत्सव पर दीपोत्सव के साथ ही महाआरती का हुआ आयोजन बेरी। जिला स्तरीय गीता महोत्सव की श्रृंखला में शनिवार की सायं बेरी स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर परिसर के साथ लगते तालाब पर दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएमसी जगनिवास ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में भाग लेते हुए श्रीमदभगवत गीता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गीता जी हमें सत्कर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देती है,हमें जीवन में अच्छे कार्य करने चाहिए। समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखने में पौराणिक ग्रंथों की अहम भूमिका है,प्रत्येक नागरिक को श्रीमद्भागवत गीता का अध्ययन जरूर करना चाहिए। गीता जी में जीवन के नैतिक मूल्यों का समावेश है। इस बीच कार्यक्रम में पहुंचने पर एसडीएम बेरी रविंद्र मलिक ने स्वागत किया। उन्होंने महाआरती में भाग लेते हुए श्रीमद गीता जी का पूजन किया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी पंडित पुरुषोत्तम दत वशिष्ठ,पंडित कुलदीप शर्मा,पीतांबर गौड़, सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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