February 25, 2026

जीएसटी कौंसिल की मीटिंग के दौरान पंजाब द्वारा आईजीएसटी एक्ट की धारा 10 में संशोधन के लिए ज़ोरदार बहस की गई : चीमा

संशोधन से राज्य के जीएसटी राजस्व में विस्तार होने की उम्मीद

चंडीगढ़, पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस नयी दिल्ली में हुई जीएसटी कौंसिल की 50वीं मीटिंग के दौरान वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) में ढांचागत ख़ामियों को उजागर करते हुये एकीकृत वस्तु और सेवा कर आईजीएसटी) एक्ट की धारा 10 में संशोधन सम्बन्धी पंजाब की तरफ से ज़ोरदार ढंग से दलील पेश की गई।

यहाँ जारी प्रैस बयान में यह प्रगटावा करते हुये वित्त मंत्री स. हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मंजिल आधारित खपत कर के सिद्धांत अनुसार बिज़नस टू कंज्यूमर ट्रांजैकशन (बी2सी) में काउन्टर सप्लाई की जगह सप्लाई के स्थान की स्पष्ट परिभाषा के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए सफलतापूर्वक ढंग से तर्क पेश किये गए। उन्होंने कहा कि इस संशोधन से राज्य के जीएसटी राजस्व को बड़ा लाभ पहुँचने की उम्मीद है।

स्क्रैप क्षेत्र में टैक्स की चोरी को रोकने का मुद्दा उठाते हुए स. चीमा ने कहा कि राज्य सरकार ने व्यापार और उद्योग के साथ-साथ टैक्स प्रशासन के नुमायंदों समेत प्रमुख भाईवालों के साथ सलाह-परामर्श की मीटिंग का प्रस्ताव पेश किया है जिससे उक्त क्षेत्र की इस समस्या के लिए उचित हल निकाले जा सकें। आनलाइन गेमिंग पर टैक्स लगाने के मुद्दे पर बोलते उन्होंने कहा कि मीटिंग के दौरान इसके देश के नौजवानों पर पड़ने वाले प्रभाव और इस क्षेत्र की ग़ैर-नियंत्रित उन्नति से देश के सामाजिक ताने-बाने पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत टैक्स लगाने के प्रस्ताव का ज़ोरदार समर्थन किया है और टैक्स का भुगतान कुल गेमिंग राजस्व की बजाय फेस वेल्यु के अनुसार किया जायेगा।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि जी. एस. टी कौंसिल की मीटिंग के दौरान सरकार और स्थानीय निकाय को प्रदान की जाने वाली सेवाओं को दी जा रही मौजूदा छूट को घटाने के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए राज्य द्वारा ठोस दलील दी गई कि ऐसी कटौती का राज्य सरकार के साथ-साथ स्थानीय निकाय जिनमें पंचायतें और नगर पालिकाएं शामिल हैं, की तरफ से लोगों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करने के सामर्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा इसलिए उक्त एजंडे को और आत्म-निरीक्षण की ज़रूरत है और कोई भी फ़ैसला जल्दबाज़ी में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उक्त दलील को ध्यान में रखते हुये जीएसटी कौंसिल की तरफ से इस एजंडे को स्थगित कर दिया गया।

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