संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 26 नवंबर से आमरण अनशन का ऐलान
नई दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने दिल्ली प्रेस क्लब में एक अहम प्रेस वार्ता आयोजित कर किसान आंदोलन को फिर से तेज करने की घोषणा की। गुरुद्वारा श्री रकाबगंज साहिब में आयोजित बैठक में दक्षिण भारत सहित देश के कई राज्यों के किसान नेताओं ने भाग लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा किसानों की लंबित मांगों को लागू करवाने के लिए रणनीति तैयार करना था।
किसान नेता जगजीत सिंह डलेवाल 26 नवंबर से खनौरी मोर्चे पर आमरण अनशन शुरू करेंगे। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और दक्षिण भारत के किसान बड़े पैमाने पर इस आंदोलन में शामिल होंगे। कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना जैसे राज्यों में जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि यदि सरकार ने 9 महीनों से लंबित किसानों की मानी हुई मांगों को लागू नहीं किया, तो 6 दिसंबर को शंभू मोर्चे से दिल्ली तक पैदल मार्च किया जाएगा।
सरकार और विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति
मोर्चे ने संसद के आगामी सत्र (25 नवंबर से शुरू) पर जोर देते हुए सरकार से किसानों की मांगों को अमलीजामा पहनाने की अपील की। साथ ही, विपक्षी दलों से संसद में एमएसपी खरीद गारंटी कानून पर प्राइवेट मेंबर बिल लाने की मांग की गई।
इस मौके पर सरवन सिंह पंधेर, सुखजिंदर सिंह खोसा, सुखजीत सिंह हरदोझण्डे, हरपाल सिंह बिलारी, लखविंदर सिंह औलख, गुरिंदर सिंह भंगू, गुरसाहब सिंह चाटीविंड, तेजवीर सिंह हरियाणा, अभिमन्यु कोहाड़, गुरमनीत सिंह मांगट, इंद्रजीत सिंह पन्नीवालिया, राजिंदर यादव यूपी, जतिंदर शर्मा यूपी मौजूद रहे।
