पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण बहुत जरूरी : न्यायाधीश
जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. वीरेंद्र प्रसाद के दिशा निर्देशानुसार न्यायिक परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित
नारनौल, 25 जुलाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. वीरेंद्र प्रसाद के दिशा निर्देशानुसार आज वन विभाग की ओर से न्यायिक परिसर नारनौल में पौधारोपण अभियान के तहत न्यायाधीशों व अधिवक्ताओं ने पौधारोपण किया।
इस मौके पर पौधारोपण करते हुए न्यायाधीशों ने संयुक्त रूप से कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मानव अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रहा है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई व पौधारोपण न होने के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है। इसी का नतीजा है कि तापमान में हर वर्ष बढ़ोतरी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए। यह बारिश का मौसम होने के कारण पौधारोपण का सबसे सही समय है।
उन्होंने कहा कि हमें पौधारोपण का फायदा तभी मिलेगा जब वह पौधा एक दिन पेड़ बनकर अपने आप में सक्षम हो जाएगा। इसलिए हम जो भी पौधा लगाएं उसकी बड़े होने तक देखभाल जरूर करें।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश केपी सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निधि बंसल व अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशि चौहान, सिविल जज सीनियर डिवीजन वर्षा जैन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी शैलजा गुप्ता, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ललिता पटवर्धन, अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन अमित सिहाग, सिविल जज जूनियर डिवीजन भुवनेश सैनी, नारनौल बार एसोसिएशन के प्रधान मंजीत यादव के अलावा अधिवक्ता मौजूद थे।
