राजकीय सिविल हॉस्पिटल नूरपूर में अब पैरालिसिस स्ट्रोक बीमारी का इलाज उपलब्ध
रघुनाथ शर्मा बेबाक़, जसूर: उपमण्डल नुरपुर के राजकीय सिविल अस्पताल ने एक ओर उपलब्धि हासिल कर अपने अधीन आने वाले क्षेत्रों के जनमानस को आने वाले अक्सर पैरालिसिस स्ट्रोक के कारण इलाज के लिए नूरपूर से बाहर पंजाब की तरफ रुख करना पड़ता था, जिसका अब नूरपुर राजकीय सिविल अस्पताल लोगों को इस बीमारी से निजात दिलाएगा।
पैरालिसिस स्ट्रोक विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ आशीष ने एक भेंट में बताया अब राजकीय सिविल हॉस्पिटल नुरपूर में समय पर उपरोक्त बीमारी का इलाज उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि नूरपुर सिविल अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के लिए हस्पताल में तैनात हस्पताल के मेडिकल ऑफिसर्स को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। डॉ आशीष ने बताया कि आजकल की जीवन शैली में लोगों को स्ट्रोक के बारे में जागरूक होना जरूरी है। स्ट्रोक के कारण अक्सर पैरालिसिस हो जाता है, जो व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह से बदल देता है।
विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ आशीष (एमड़ी) ने आगे कहा कि अब नूरपुर अस्पताल में इस बीमारी का समय पर इलाज उपलब्ध है, जिसमें टीपीए (टिश्यू प्लास्मिनोजन एक्टिवेटर) इंजेक्शन दिया जाता है, जो सरकार द्वारा मुफ्त में उपलब्ध करवाया गया है। यह इंजेक्शन स्ट्रोक के कारण होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है। स्ट्रोक के लक्षणों को आसानी से याद रखने के लिए फास्ट मेमोनिक का उपयोग किया जा सकता है:
एफ- चेहरे पर कमजोरी (फेस)
ए – हाथ या पैर में कमजोरी (आर्म)
एस – बोलने में परेशानी (स्पीच)
टी – समय पर इलाज की आवश्यकता (टाइम)
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ आशीष ने सचेत करते हुए कहा कि यदि मरीज 4:30 घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचता है, तो इलाज संभव है। इसलिए, यदि आपको या आपके किसी परिचित को स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अस्पताल पहुंचें और समय पर इलाज कराएं। वही मेडिकल सुपरिटेंडेंट नूरपुर विवेक बन्याल ने कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्ट्रोक के इलाज में देरी करने से नुकसान हो सकता है। इसलिए, समय पर इलाज कराना आवश्यक है। नूरपुर अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल ऑफिसर्स की टीम आपको समय पर और उचित इलाज प्रदान करेगी।
