आपदा जोखिम न्यूनीकरण को कुठेहड़ा पंचायत में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
डीडीएमए मंडी के सौजन्य से पांच ग्राम पंचायतों के 75 स्वयं सेवक आपदा जोखिम बारे होंगे प्रशिक्षित
अजय सूर्या, जोगिन्दर नगर, 24 मार्च:
आपदा जोखिम न्यूनीकरण व आपदा जोखिम से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) मंडी के सौजन्य से जोगिन्दर नगर उपमंडल की ग्राम पंचायत कुठेहड़ा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला में उपमंडल की ग्राम पंचायत कुठेहड़ा, भडयाड़ा बूहला, पिपली, त्रैम्बली तथा द्राहल से आपदा प्रबंधन को टास्क फोर्स (यूथ वालंटियर) के लगभग 75 स्वयंसेवकों को आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस बारे जानकारी देते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) मंडी से प्रशिक्षक एवं जिला सर्व समन्वयक अमर जीत सिंह ने बताया कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ एसडीएम कार्यालय में कार्यालय कानूनगो मेघ सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान स्वयं सेवियों को आपदा प्रबंधन, भूकंप, भूस्खलन व अन्य आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और घटना स्थल पर फंसे लोगों के जीवन को सुरक्षित बचाने के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला के पहले दिन आपदा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। जिसमें भूस्खलन, सुरक्षित भवनों का निर्माण, भूकंप के दौरान जान माल का खतरा कम करना, सहित सड़क सुरक्षा के बारे में भी उपस्थित लोगों को दी गई जानकारी शामिल है। इसके साथ-साथ कैच दा रेन यानि कि बारिश के पानी को एकत्रित करने तथा इसके बेहतर उपयोग बारे भी लोगों को विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
अमर जीत सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला में उपस्थित लोगों को भूस्खलन, बाढ़, स्नेक बाइट, सीपीआर, आगजनी की घटनाएं तथा सड़क दुर्घटना में स्वयंसेवक किस प्रकार अपनी प्रतिक्रियाएं सुनिश्चित कर सकते हैं इत्यादि विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की जा रही है।साथ ही नशे जैसी सामाजिक बुराई तथा वनों को आग से बचाने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह तीन दिवसीय कार्यशाला 26 मार्च को संपन्न होगी।
