February 20, 2026

कृषक प्रशिक्षण केंद्र में “सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती” पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

जिला मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और कुल्लू से आए कृषि अधिकारियों ने हासिल किया प्रशिक्षण

सुंदरनगर, कृषक प्रशिक्षण केन्द्र सुंदरनगर में “सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती” पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के जिला मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, कुल्लू से आए हुए कृषि प्रसार अधिकारियों व सहायक कृषि विकास अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रधानाचार्य, कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर डॉo प्राची ने वर्तमान समय में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती की जरूरत के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के पहले दिन डॉ हितेंदर सिंह ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल और किसानों को विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बारे जानकारी दी। गाँव पलौटा के प्रगतिशील किसान संजय कुमार द्वारा मौके पर प्राकृतिक खेती में प्रयोग होने वाले घोल को बनाना सिखाया। प्रशिक्षण में प्राकृतिक कीट प्रतिरोध और फसल सुरक्षा, विभिन्न कीटनाशकों की तैयारी की विधि, कवकनाशी का निर्माण और प्राकृतिक खेती में उनका अनुप्रयोग बारे जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को गाँव स्लापड़ और जडो़ल में प्राकृतिक खेती कर रहें किसानों के खेतों का भ्रमण करवाया। एफपीओ सदर के सीईओ नरेश द्वारा अधिकारियों को किसान उत्पादक संघ में समूह की गतिशीलता, समूह का गठन और निर्वाह, प्राकृतिक खेती में एफपीओ का महत्व और आवश्यक तौर-तरीके, प्राकृतिक खेती के तहत उत्पाद का प्रमाणीकरण और विपणन के बारे विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के तीसरे दिन सेवानिवृत परियोजना निदेशक डॉ देश राज शर्मा द्वारा प्राकृतिक खेती के दर्शन, नैतिकता और सिद्धांत, प्राकृतिक खेती और स्वदेशी तरीकों, जैविक खेती और पर्माकल्चर के बीच अंतर और समानताएं के बारे जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के समन्वयक डॉ मीना द्वारा प्राकृतिक कृषि उपज का भंडारण तथा डॉ नरेश द्वारा प्राकृतिक खेती में वापसा और खरपतवार प्रबंधन के बारे जानकारी दी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *