हिमाचल में किसी प्रकार का आर्थिक संकट नहीं : सुखविंदर सिंह सुक्खू
शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि हिमाचल में किसी प्रकार का आर्थिक संकट नहीं है, वित्तीय अनुशासन की जरूरत है। राज्य सरकार ने पहले ही दिन से अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
शिमला स्थित गेयटी थियेटर में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में सुक्खू ने कहा कि सुधार के दौर में इस तरह की परिस्थितियां पैदा होती है, जिससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार हर तरह के संकट को सजगता से पार करने की स्थिति में है।
सुक्खू ने कहा कि सभी को अनुशासित होने की जरूरत है, चाहे सत्ता में बैठे लोग हों या कर्मचारी वर्ग। राज्य को विकसित करने के लिए हर वर्ग को अनुशासित होना पड़ेगा। जहां तक मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों, कैबिनेट दर्जा प्राप्त सलाहकारों व सार्वजनिक उपक्रमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों के वेतन-भत्तों की बात है तो सांकेतिक रूप से विलंबित करने का निर्णय लिया है। वेतन-भत्तों को विलंबित करने का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में सुधार लाना है।
सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार 70 वर्ष से अधिक आयु के 28 हजार पेंशनरों को एरियर का भुगतान कर रही है। सरकारी कर्मचारियों को सात प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता(डीए) दिया गया है। राज्य की वित्तीय स्थिति पर कहा कि सरकार किसानों, बागवानों, मजदूरों, महिलाओं, छोटे दुकानदारों सहित समाज के सभी वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।
