हरियाणा के कण-कण में वीरों की कुर्बानियां समाई हुई हैं:बंडारू
चंडीगढ़, धरणी- हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हरियाणा की 14वीं विधानसभा के पांचवें बजट सत्र के पहले दिन सदन में अपना अभिभाषण देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वावलंबन, स्वाभिमान, सेवा और सुशासन को आधार बनाकर प्रदेश के सर्वांगीण, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी विकास के लिए दिन प्रतिदिन कार्यरत है। सरकार के लिए गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण-उत्थान निरंतर सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अन्त्योदय का दर्शन हमारी व्यवस्था परिवर्तन और सुशासन के पथ पर एक प्रकाश स्तम्भ के रूप में हमारा मार्गदर्शन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के कण-कण में वीरों की कुर्बानियां समाई हुई हैं। हमारे बहादुर जवान देश की सीमाओं पर हर क्षण चौकस हैं। हमारे किसानों के परिश्रम से देश के अन्न भंडार भर जाते हैं। हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में जीतकर देश का मान बढ़ाते हैं। हरियाणा सही मायने में जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान के नारे को चरितार्थ करता है। प्रति व्यक्ति आय की बात हो, उद्योगों के विकास की बात हो, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण की डगर हो या फिर कृषि में नवाचार की पहल, आज हर मामले में राष्ट्रीय फलक पर हरियाणा की बलिष्ठ उपस्थिति नजऱ आती है। हमारा कृषि प्रधान प्रदेश आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के रथ पर सवार होकर पूरे वेग से प्रगति पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष राष्ट्र को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने का गौरव प्राप्त हुआ है।
हमारे वैज्ञानिकों ने चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चन्द्रयान-3 की सफल लैंडिंग करवाकर भारतवर्ष का परचम लहराने का काम किया। इसी प्रकार, सूर्य का अध्ययन करने के लिए भेजा गया आदित्य एल-1 भी अन्तरिक्ष में अपनी आभा बिखेरता रहेगा। गत वर्ष भारत को जी-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस शिखर सम्मेलन के दौरान भारत कई गम्भीर मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहमति कायम करवाने में सफल रहा और विश्व ने हमारी नेतृत्व क्षमता का लोहा माना है। बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि प्रभु श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा से आज समूचा देश राममय है। राष्ट्र के कण कण में भक्ति, शक्ति, गर्व और गौरव का भाव व्याप्त है। इस पवित्र पराकाष्ठा के लिए मैं समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देता हूँ। लगभग 500 वर्षों की लम्बी प्रतीक्षा के पश्चात, देशवासियों को यह दिन दिखाने के निमित्त बने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी साधुवाद देता हूँ। भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के स्वप्न को वास्तविकता बनाकर उन्होंने करोड़ों भारतीयों की आशाओं को पूरा किया है तथा उनकी आस्था को सम्बल प्रदान किया है। यह मन्दिर हमारे राष्ट्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक विरासत का अप्रतिम प्रतीक है। राज्यपाल ने सभी प्रदेशवासियों के स्वस्थ, खुशहाल, स्वावलम्बी बनने और प्रदेश के विकास में हर व्यक्ति की समान रूप से सहभागिता होने की कामना करते हुए कहा कि हरियाणा प्रगति के पथ पर निरंतर गतिशील रहे, विकास के मामले में नित नए आयाम स्थापित करे। यह सदन लगभग 2 करोड़ 85 लाख प्रदेशवासियों की आशाओं का ध्वजवाहक है।हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज यहां हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार कृषि को लाभप्रद बनाने और किसानों के लिए कल्याण व उनके आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने 14 फसलों की एम.एस.पी. पर खरीद करके एक देशभर में अनूठा उदाहरण पेश किया है। इतना ही नहीं, मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के खातों में पिछले 7 सीजन में खरीदी गई फसल की एवज में लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे डाली गई है। इसके अलावा, किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार द्वारा भावांतर भरपाई योजना शुरू की है। भावांतर भरपाई योजना के अन्तर्गत बाजरा उत्पादक किसानों के बैंक खातों में 836.12 करोड़ रुपये की राशि डाली गई है। बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के 19.94 लाख किसानों के खातों में गत चार वर्षों में 4157.73 करोड़ रुपये की राशि सीधे जमा करवाई गई है। राज्यपाल श्री बंडारू दतात्रेय ने कहा कि हमें न केवल आज के लिए बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए भी पर्यावरण को संजोकर रखने की आवश्यकता है। सरकार ने पराली को किसानों के लिए आय का साधन बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए हरियाणा एक्स-सीटू मैनेजमेंट ऑफ पैडी स्ट्रॉ पॉलिसी, 2023 अधिसूचित की है। यह नीति पराली-आधारित परियोजनाओं में निजी निवेश बढ़ाने, किसानों को प्रोत्साहन देकर पराली का उपयोग सुनिश्चित करने पर ध्यान केन्द्रित करेगी उन्होंने कहा कि हमारे देश में समय-समय पर संत-महात्माओं, ऋषि-मुनियों, पीर-पैगम्बरों और गुरुओं ने समूची मानवता को जीवन का सच्चा रास्ता दिखाया है। ऐसी महान विभूतियों की शिक्षाएं पूरे समाज की धरोहर हैं। उनकी विरासत को सम्भालने व सहेजने की जिम्मेदारी हम सबकी है। सरकार ने आमजन, विशेषकर, युवाओं को इनकी शिक्षाओं से अवगत करवाने के उद्देश्य से ‘संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना’ शुरू की है।
