प्रधानमन्त्री ने साझा की ‘मन की बात’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम के 102 वें एपिसोड में लोगों को संबोधित किया। इसमें उन्होंने योग दिवस, इमरजेंसी, स्पोर्ट्स, बिपर्जय तूफान, प्रकृति संरक्षण,टीवी मुक्त भारत अभियान जैसे विषयों को लेकर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का जोर नहीं होता लेकिन पिछले कुछ सालों में भारत ने आपदा प्रबंधन में जो विकास किया है वह आज उदाहरण बन गया है। उन्होंने प्रकृति के संरक्षण पर जोर दिया। मन की बात कार्यक्रम में आज प्रधानमंत्री ने इमरजेंसी काल का भी जिक्र किया व कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है व हम संविधान को सर्वोपरि मानते हैं। लेकिन भारत के लोग 25 जून को कभी नहीं भुला सकते। यह वही दिन है जब देश पर इमरजेंसी थोपी गई थी। उन्होंने कहा कि वह भारत के इतिहास का काला दौर था। लोकतंत्र के समर्थकों पर उस दौरान भयानक अत्याचार किया गया था। उन्होंने इमरजेंसी पर लिखी एक किताब ‘टॉर्चर आफ पॉलीटिकल प्रिजनर्स इन इंडिया’ का भी जिक्र किया जिसमें उस समय की सरकार के द्वारा लोकतंत्र के रखवालों के साथ दुर्व्यवहार करने का जिक्र है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महीने छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 350 वर्ष पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने 2025 तक टीवी मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। जनता की भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकता है। प्रधानमंत्री ने योग दिवस की थीम है योग फॉर वसुधैव कुटुंबकम। यानी एक विश्व एक परिवार के रूप में सब के कल्याण के लिए योग। जिसमें सबको जोड़ कर सबको साथ लेकर चलने की भावना है। प्रधानमंत्री द्वारा किया जाने वाला मन की बात कार्यक्रम का यह 102 वां एपिसोड है। क्योंकि मन की बात कार्यक्रम महीने के आखिरी रविवार को टेलीकास्ट किया जाता है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के 21 जून से 24 जून तक अमेरिका दौरे पर रहने के कारण यह एपिसोड एक हफ्ता पहले ही प्रसारित कर दिया गया। देश के 100 करोड लोग अब तक मन की बात कार्यक्रम को सुन चुके हैं।
