देव भूमि हिमाचल का हश्र कश्मीर, पश्चिम बंगाल, केरल जैसा न हो: यति सत्यदेवानंद सरस्वती जी महाराज
हिमाचल के लोगों का इस बारे अभी से सजग रहना जरूरी
सुखविंद्र, ऊना/हमीरपुर : मां कालिका देवी मन्दिर राजपूता टिक्कर गांव में सनातन धर्म की रक्षा हेतु सनातन धर्म के शत्रुओं के समूल विनाश हेतु चल रहे 5 दिवसीय मां बगलामुखी महायज्ञ साधना के तीसरे दिन अखिल भारतीय संत परिषद् हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा के प्रभारी यति सत्यदेवानंद सरस्वती महाराज ने धर्म चर्चा में कहा कि हिमाचल प्रदेश एक देव भूमि प्रदेश है। यहां देवताओं, ऋषियों, मुनियों का वास है। परन्तु पिछ्ले कुछ समय का घटना क्रम देंखे तो स्थिति भयावह होती दिख रही है। जिस तरह से देव भूमि की बच्चियों का लव जिहाद का शिकार होना, हिंदुओ का जिहादियों द्वारा कत्ल होना, देवी देवताओं का अपमान होना, कांबड़ियों पर हमला होना और सबसे बड़ी बात प्रवासी तथा बांग्लादेशी, रोहिंग्या मुसलमान के नकली आधार कार्ड बनना बताता है कि हिमाचल में भी हालात अब बिगड़ते जा रहे हैं। प्रशासन का इन विषयों पर आंख बन्द करना, सत्ताधारियों का इन विषय पर मौन रहना एक बहुत बड़े खतरे के संकेत कर रहा है।
यहां द कश्मीर फाइल या केरल स्टोरी बनने से पहले हिमाचल प्रदेश के युवाओं को देव भूमि को बचाने की जिम्मेदारी लेनी होगी।
यति महाराज ने कहा कि हमारे धर्म गुरुओं को पता नहीं इसके संकेत क्यों नहीं दिख रहे जो वो अपने अनुयाइयों को इसके बारे में सचेत नहीं कर रहे हैं। इसलिए अब हिमाचल प्रदेश में सनातन समाज को चाहिए कि वे किसी पर आश्रित न होकर अपने धर्म, समाज तथा परिवार की रक्षा हेतु कदम उठाएं।
इस अवसर पर ठाकुर महेन्द्र सिंह खर्याल, दलजीत सिंह, कमलजीत सिंह, ज्ञान चंद मोदगिल, प्रितम सिंह, कैप्टन जसवंत सिंह, कैप्टन मदन लाल, प्रताप सिंह वन्याल, राजेश कुमार, हैप्पी सिंह, करतार सिंह, ध्यान सिंह वन्याल, रवि वन्याल, काकू शर्मा, सुनील कुमार कौशल, मनजीत सिंह वन्याल सहित ने आहूति डाल कर पुण्य अर्जित किए।
