मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को भारी बारिश के कारण लोगों की मदद के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में ही रहने को कहा
निचले और बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को राहत सुनिश्चित करने के निर्देश
* डीसी और एसएसपी को अपने-अपने जिलों में राहत और सुरक्षा अभियान तेज करने का आदेश।
* राज्य में भारी बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति की नियमित निगरानी
* निचले इलाकों और नदियों के आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी
सचिन सोनी, चंडीगढ़, राज्य भर में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ही रहने और इस संकट में जरूरतमंदों तक पहुंच बनाने के लिए कहा है।
प्रकृति के प्रकोप के मद्देनजर स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा हेतु बाढ़ की रोकथाम के लिए एक व्यापक कार्य योजना लागू की जाए। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री, विधायक और अधिकारी अपने क्षेत्र के लोगों के बीच जाएं और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें जल्द से जल्द राहत दी जाए। भगवंत मान ने कहा कि उपायुक्त (डीसी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को अपने-अपने जिलों में राहत कार्य में तेजी लानी चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निचले इलाकों, खासकर नदियों के आसपास के इलाकों में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया है और किसी जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर निकलने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य भर में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है, लेकिन राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। भगवंत मान ने कहा कि सभी मंत्रियों और विधायकों को चाहिए की वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों, विशेषकर निचले और बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करें, ताकि जरूरतमंदों की मदद सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में भारी बारिश हो रही है, जिससे कुछ जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी है। उन्होंने कहा कि डीसी, एसएसपी, एसडीएम और फील्ड स्टाफ सतर्क रहें और अधिक पानी से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्य करें। भगवंत मान ने अधिकारियों को कहा कि वाटर वर्क्स को पानी में डूबने से बचाने के लिए वाटर वर्क्स के पंप हाउसों के आसपास हर जगह रेत की बोरियां रखकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने गंभीर संकट की इस घड़ी में लोगों को तत्काल राहत और सहायता प्रदान करने के लिए अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। भगवंत मान ने कहा कि भारी बारिश के कारण पैदा हुई इस स्थिति में लोगों के हितों की रक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है।
इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों ने लोगों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन से संपर्क किया है। मंत्री और विधायक निचले और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को इन इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को भारी बारिश से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने का भी निर्देश दिया.
इस बीच, संकट के समय में लोगों की मदद के लिए राज्य के सभी जिलों में उपायुक्तों ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। कंट्रोल रूम के नंबरों संबंधी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और इन कंट्रोल रूम में लोगों की सेवा के लिए 24 घंटे अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति में प्राप्त किसी भी संकटपूर्ण कॉल पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
