माता भद्रकाली मंदिर में सुरेंद्र शास्त्री ने नवाया शीश
दौलतपुर चौक, संजीव डोगरा,
प्रसिद्ध कथा व्यास सुरेंद्र शास्त्री लुधियाना वाले प्रथम नवरात्रे पर मां भद्रकाली मंदिर में माथा टेकने पहुचे। आज नवरात्र का पहला दिन है और इस दिन घटस्थापन के बाद मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का पूजन, अर्चन और स्तवन किया जाता है। शैल का अर्थ है हिमालय और पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। पार्वती के रूप में इन्हें भगवान् शंकर की पत्नी के रूप में भी जाना जाता है। इस मौके पर सुरेंद्र शास्त्री ने माँ भद्रकाली मंदिर में माथा टेक माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया, उनके साथ गगरेट विस् के प्रसिद्ध समाज सेवी संजय पुर्जा भी उपस्थित रहे।
