सुखबीर बादल ने भाजपा-आप के किसान विरोधी गठबंधन की निंदा की
नवांशहर : शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भारतीय जनता पार्टी-आम आदमी पार्टी के किसान विरोधी गठबंधन की निंदा की जो लगातार किसानों को न्याय देने से इंकार कर रहे हैं। पटियाला में भाजपा उम्मीदवार परनीत कौर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरिंदरपाल की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘ भाजपा और आप ने किसानों के खिलाफ गठबंधन बनाकर उन्हे न्याय देने से इंकार कर रहे हैं। इसके कारण पंजाब में किसान आंदोलन लंबा खिच गया और किसान समुदाय को परेशानी हो रही है। भाजपा और आप को कॉरपोरेटस् के हितों की रक्षा करना बंद करने के लिए कहते हुए सरदार बादल ने कहा,‘‘यह पहली बार नही है कि भाजपा और आप एक टीम के रूप में खेल रहे हैं। इससे पहले दो महीने पहले किसान आंदोलन के दौरान आप सरकार ने हरियाणा पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने से इंकार कर दिया था, जिसने हमारे किसानों पर आंसू गैस छोड़ी, रबड़ की गोलियां दागी और गोला बारूद से हमला किया।’’
सरदार बादल ने पंजाबियों से इस साजिश को समझने की अपील करते हुए कहा कि वे भाजपा-आप गठबंधन का मुकाबला करने के लिए अपने वोटों के साथ सभी बाहरी पाटियों के लिए पंजाबी की सीमाओं को सील कर दें, जिन्होने किसानों को दिल्ली की ओर बढऩे से रोकने के लिए सीमाओं को बलपूर्वक सील कर दिया । सरदार बादल को पंजाब बचाओ यात्रा के दौरान बंगा और नवंाशहर दोनों हलकों में बड़े पैमाने पर समर्थन मिला । उन्होने अनुसूचित जाति समुदाय के साथ साथ समाज के गरीब वर्गों के साथ भेदभाव करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की निंदा की।
सरदार बादल ने उन नौजवानों से भी बातचीत की जिन्होने कहा कि उन्हे विदेश जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, क्योंकि आप सरकार उन्हे नौकरी नही दे रही है। उन्होने कहा कि आप के कार्यकाल के दौरान दी गई कुछ सौ नौकरियां आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के सीधे आदेश पर बाहरी लोगों को दी जा रही हैं। उन्होने यह भी शिकायत की कि नशे का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है और आप विधायक ड्रग के माफिया को बचा रहे हैं। अकाली दल अध्यक्ष ने युवाओं की बात को धैर्यपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ साथ नशे और गैंगस्टरों के खतरे को कम करना अगली अकाली दल सरकार की नंबर एक प्राथमिकता होगी।
अकाली दल अध्यक्ष के साथ यात्रा के दौरान वरिष्ठ नेता जरनैल सिंह वाहिद और डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया (डीपीआई) के अध्यक्ष रोहन चडडा भी थे।
