February 19, 2026

पराली जलाने की घटनाओं पर राज्य सरकार गंभीर

कोताही बरतने के आरोप में 9 जिलों के 24 कृषि अधिकारियों को सरकार ने सस्पेंड कर दिया

पराली जलाने की घटनाओं पर राज्य सरकार गंभीर हो गई है। इस मामले में कोताही बरतने के आरोप में 9 जिलों के 24 कृषि अधिकारियों को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। पंजाब व हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को नोटिस जारी किया हुआ है। इस मामले में बुधवार के सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सुनवाई में दोनों राज्यों – पंजाब व हरियाणा के मुख्य सचिव को पेश होना होगा।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ही हरियाणा सरकार हरकत में आई है। मंगलवार को कृषि विभाग के निदेशक राज नारायण कौशिक ने फील्ड के 24 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। पानीपत जिला में एडीओ संगीता यादव व एटीएम सत्यवान को सस्पेंड किया है। जींद में एग्रीकल्चर सुपरवाइजर पुनित कुमार व संजीत पर कार्रवाई हुई है। हिसार में गोविंद व पूजा, कैथल में एग्रीकल्चर सुपरवाइजर दीपक, हरप्रीत सिंह व यादवेंद्र सिंह को सस्पेंड किया है। इसी तरह से करनाल में एएसओ सुनील कुमार, बीएओ राहुल दहिया व गौरव तथा फतेहाबाद में बीएओ कृष्ण कुमार, एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर सुनील कुमार व एसीडीओ रामेश्वर श्योकंद पर गाज गिरी है। कुरुक्षेत्र जिला में बीएओ ओमप्रकाश, एडीओ प्रताप सिंह, बीएओ विनोद कुमार व अमित काम्बोज तथा अंबाला में एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर शेखर कुमार व रमेश को सस्पेंड किया है। विभाग की ओर से सोनीपत जिला के एग्रीकल्चर सुपरवाइजर नितिन व किरण को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया है।

पराली जलाने के मामले में हरियाणा के मुकाबले पंजाब में स्थिति काफी खराब है। पंजाब में 21 अक्तूबर तक पराली जलाने के 1510 मामले सामने आए। वहीं हरियाणा में अभी तक 655 मामले सामने आए हैं। हरियाणा सरकार द्वारा अभी तक 93 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं 327 किसानों के चालान काटे गए हैं और उनसे अभी तक 8 लाख 32 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला है। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में पंजाब में स्थिति सुधरी है। 2020 में इस अवधि में 10 हजार 791, 2021 में 4 हजार 327, 2022 में 3 हजार 114, 2023 में 1 हजार 764 पराली जलाने के मामले सामने आए थे।

हरियाणा के कैथल जिला में पराली जलाने की सबसे अधिक घटनाएं सामने आई हैं। अभी तक कैथल में 127 जगहों पर पराली जलाई गई। वहीं अंबाला में 74, फरीदाबाद में 31, फतेहाबाद में 40, हिसार में 19, झज्जर में 2, जींद में 49, करनाल में 69, कुरुक्षेत्र में 91, पलवल में 26, पंचकूला में 14, पानीपत में 27, रोहतक में 6, सिरसा में 16, सोनीपत में 40 तथा यमुनानगर में 24 जगहों पर पराली जलाई गई।

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