इको क्लब द्वारा ‘पर्यावरण और सतत विकास’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान आयोजित
पठानकोट, भूपिन्द्र सिंह: गुरु नानक यूनिवर्सिटी कॉलेज पठानकोट के प्रांगण में प्राचार्या डॉ. अर्पणा की अध्यक्षता में 22 फरवरी 2025 को पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सौजन्य से कॉलेज के इको क्लब की ओर से पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एम ओ ई एफ) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार एनवायरमेंट एजुकेशन प्रोग्राम के तहत एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसका मुख्य विषय पर्यावरण और सतत विकास’ रहा। इस व्याख्यान के मुख्य अतिथि एवं वक्ता महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी
सदस्य सचिव, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी)
भारतीय विकास और क्षेत्रीय सहयोग परिषद (सीडीआरसी), नई दिल्ली, भारत के आशुतोष शर्मा जी रहे। इस विशिष्ट व्याख्यान में आशुतोष शर्मा जी ने कॉलेज के समूह विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति ने हमें रहने के लिए जगह दी है, पीने के लिए स्वच्छ जल दिया है और सांस लेने के लिए शुद्ध वायु दी है लेकिन मनुष्य ने अपने स्वार्थ की भावना में आकर इन प्राकृतिक अमूल्य चीजों के साथ खिलवाड़ करना शुरू कर दिया है। परिणाम स्वरुप प्राकृतिक असंतुलन पैदा हो रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यर्थ पदार्थों का पुनः सृजन करके काम में लाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि व्यर्थ पदार्थों का पुनः सृजन करने का कार्य हमें अपने घर से ही शुरू करना चाहिए। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अर्पणा ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के विषय में बच्चों को जानकारी देते हुए कहा कि प्लास्टिक को खुले में नहीं फेंकना चाहिए यह पशुओं के लिए बहुत ही घातक और जानलेवा सिद्ध हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक से बने हुए डिस्पोजल कप, प्लेट और चमचों आदि का भी कम से कम दैनिक जीवन में प्रयोग करना चाहिए क्योंकि इनके अंदर प्लास्टिक की परत लगी होती है जो पेट में जाने से कैंसर जैसी घातक बीमारियां बना सकती है। अंत में कॉलेज की प्राचार्या डॉक्टर अर्पणा ने विशिष्ट अतिथि एवं प्रवक्ता आशुतोष शर्मा जी का धन्यवाद किया।
प्राचार्या डॉ. अर्पणा ने इस मौके पर इको-क्लब प्रभारी व सहायक प्रोफेसर डॉ. कुलविंदर कौर के अतिरिक्त डॉ.मोहित अंगूराला, सुभम शर्मा, , श्रीमती गीतांजलि को उनके अथक प्रयास के लिए उनके कार्य की सराहना की। इस विशेष मौके पर कॉलेज के समूह सहायक प्रोफेसर मौजूद रहे।
