February 19, 2026

दिल्ली से पहले धुआं किसान के गांव पहुंचता है’, पराली के मुद्दे पर बोले सीएम मान

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के किसान पराली नहीं जलाना चाहते, किसान धान की खेती भी नहीं करना चाहते हैं परंतु वैकल्पिक फसल पर एमएसपी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से पराली की समस्या के व्यावहारिक समाधान के रूप में किसानों के लिए मुआवजे की मांग की, जो फसल खरीद का एक विकल्प हो सकता है।

भगवंत मान ने कहा कि जब धान की पैदावार होती है तो किसानों की प्रशंसा होती है परंतु पराली का क्या? फिर वे (एनजीटी) जुर्माना वसूलना चाहते हैं। कहा कि हमें नहीं पता कि पंजाब का धुआं दिल्ली पहुंचता है या नहीं, पर धुआं सबसे पहले किसान व उसके गांव को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली जलाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, इससे अंतत: वायु गुणवत्ता खराब होती है। पराली जलाने का मुद्दा किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, यह पूरे उत्तर भारत का मुद्दा है।

मान ने कहा कि हम पराली जलाना रोकने के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र किसानों को इसके खिलाफ प्रोत्साहित करने के लिए कह रहा है। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन से काम नहीं चलता, व्यावहारिक कदम उठाने की जरूरत है। मान ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों को 1.25 लाख मशीनें दी हैं और इसके परिणामस्वरूप 75 लाख हेक्टेयर धान की फसल में से 40 लाख हेक्टेयर की पराली नहीं जलाई गई है।

पूछा, पीएम मोदी पराली का धुआं नहीं रोक सकते भगवंत मान ने कहा कि यदि पीएम मोदी यूक्रेन युद्ध रोक सकते हैं जैसा कि उन्होंने विज्ञापन में दिखाया है तो क्या वह यहां पराली का धुआं नहीं रोक सकते? उन्हें सभी राज्यों को एक साथ बैठाना चाहिए, मुआवजा देना चाहिए, विज्ञानियों को बुलाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *