हरियाणा के नूंह में बिगड़े हालात
दो होमगार्ड की मौत, थाने में आगजनी; इंटरनेट बंद, 2 हजार लोग फंसे, 4 जिलों में धारा 144
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मुख्यमंत्री ने कहा- स्थिति नियंत्रण में, उपद्रवी बक्शे नहीं जाएंगे
हरियाणा के नूंह में सोमवार को हिंदू संगठनों द्वारा निकाली जा रही ब्रजमंडल यात्रा के दौरान बवाल हो गया। दो गुटों में हुए टकराव के बाद तीन दर्जन से ज्यादा गाड़ियों को आग लगा दी गई। पुलिस पर भी पथराव किया गया। गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर कला रामचंद्रन के अनुसार, हिंसा में 2 होमगार्ड जवानों की मौत हो गई जबकि 10 पुलिसवाले घायल हुए हैं। कहा जा रहा है कि एक होमगार्ड जवान की मौत भीड़ की तरफ से चली गोली लगने से हुई। हिंसा में कई लोग और पुलिसवाले घायल हो गए। मेवात के डीएसपी सज्जन सिंह के सिर में गंभीर चोट लगी है। गुरुग्राम क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनिल के पेट में गोली लगी है।
उपद्रवियों ने नूंह के साइबर थाना पर भी हमला कर दिया। उपद्रवियों ने पथराव किया और बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। हंगामे को देख पुलिसकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा। मेवात के कस्बे नगीना और फिरोजपुर-झिरका में भी कई जगह आगजनी की गई। कहा जा रहा है कि एक होमगार्ड जवान की मौत भीड़ की तरफ से चली गोली लगने से हुई। हिंसा में कई लोग और पुलिसवाले घायल हो गए। मेवात के डीएसपी सज्जन सिंह के सिर में गंभीर चोट लगी है। गुरुग्राम क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनिल के पेट में गोली लगी है।
उपद्रवियों ने नूंह के साइबर थाना पर भी हमला कर दिया। उपद्रवियों ने पथराव किया और बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। हंगामे को देख पुलिसकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा। मेवात के कस्बे नगीना और फिरोजपुर-झिरका में भी कई जगह आगजनी की गई। उपद्रवियों ने नूंह के साइबर थाना पर भी हमला किया। उपद्रवियों ने पथराव किया और बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। हंगामे को देख पुलिसकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा।
इससे पहले उप्रदवियों ने स्कूल बस में भी तोड़फोड़ की थी। बस में बच्चे थे या नहीं, ये साफ नहीं हो पाया। बस को उपद्रवी लूट ले गए और थाने को तोड़ने के लिए उसकी दीवार में टक्कर मार दी।
हिंसा के बाद उपजे हालात से निपटने के लिए नूंह के अलावा गुरुग्राम, रेवाड़ी और फरीदाबाद जिलों में धारा 144 लगा दी गई। नूंह जिले की सीमाएं सील करते हुए वहां दो अगस्त यानी 2 दिन के लिए इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। नूंह जिला प्रशासन ने दूसरे जिलों से पुलिस फोर्स बुलाई है।
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि केंद्र सरकार पैरामिलिट्री फोर्स की 3 कंपनियों को नूंह में एयरड्रॉप कर रही है। वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए अतिरिक्त फोर्स भेजी जा रही है। विज ने ये भी बताया कि मेवात के एसपी छुट्टी पर थे, उनकी जगह पलवल के एसपी को वहां भेजा गया था। हरियाणा के डीजीपी पीके अग्रवाल सोमवार शाम को ही नूंह के लिए रवाना हो गए थे।
नूंह के एक शिव मंदिर में अभी भी काफी लोगों के फंसे होने की बात सामने आई है। इनकी संख्या 2 हजार से ज्यादा बताई जा रही है। जिसमें काफी संख्या में महिलाएं हैं। इनमें करनाल, अंबाला, जींद, हिसार, नारनौल, गुरुग्राम, फ़रीदाबाद, सोनीपत, रेवाड़ी और रोहतक के लोग भी शामिल है। ये सभी यात्रा में शामिल हो गए थे। वे सोशल मीडिया के जरिए सरकार से सुरक्षित बाहर निकालने की अपील कर रही हैं।
वहीं समाचार यह भी है कि उपद्रवी अब गुरुग्राम तक पहुंच गए हैं। यहां सोहना में एक गाड़ी को फूंक दिया गया। इतना ही नहीं दो गाड़ियों पर छतों पर बैठी महिलाओं ने जबरदस्त पथराव कर दिया। हिंसा शुरू होते ही व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी। गुरुग्राम के डीसीपी ईस्ट नीतीश अग्रवाल ने कहा कि स्थिति कंट्रोल में है। पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हिंसा के आसार को देखते हुए नूंह के बाद गुरुग्राम में भी धारा 144 लागू कर दी गई है।
ब्रजमंडल यात्रा नूंह के नल्हड़ शिव मंदिर से फिरोजपुर-झिरका की तरफ रवाना हुई थी। जैसे ही यात्रा तिरंगा पार्क के पास पहुंची, वहां एक समूह के लोग पहले से जमा थे। आमने-सामने आते ही दोनों पक्षों में तकरार हो गई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया।
सोमवार दोपहर को सबसे पहले तिरंगा पार्क के पास हिंसा भड़की जिसने देखते ही देखते पूरे नूंह शहर को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान पुराना बस स्टैंड, होटल बाइपास, मेन बाजार, अनाज मंडी और गुरुग्राम-अलवर हाईवे पर एक के बाद एक गाड़ियां फूंक दी गई।
नूंह स्थित गुरुग्राम-अलवर नेशनल हाइवे पर हीरो कंपनी के शोरूम से उपद्रवियों ने 200 बाइक लूट ली। सुनील मोटर्स के मालिक सुनील ने बताया कि हजारों की संख्या में उपद्रवी अंदर घुसे और बाइक लेकर फरार हो गए। इसी रास्ते पर सुबह सबसे पहले हिंसा हुई थी।
दोपहर तक 40 से ज्यादा वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ हो गई। इनमें कारों के अलावा बसें, बाइक, स्कूटी और दूसरे वाहन शामिल रहे। गाड़ियों में लगाई गई आग की वजह से नूंह शहर के आसमान में धुआं ही धुआं नजर आने लगा।
नूंह में भड़की हिंसा की चिंगारी मंदिरों तक भी पहुंच गई। उपद्रवियों ने कई जगह मंदिरों में तोड़फोड़ करने के अलावा आगजनी की कोशिश की।
पिछले कल शाम 5 बजे तक नूंह चौक पर सबसे ज्यादा तनाव बना रहा। हिंसा के कारण शहर के ज्यादातर इलाकों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
जिला प्रशासन ने स्थिति को कंट्रोल करने के लिए साथ लगते पलवल, फरीदाबाद और रेवाड़ी जिलों से पुलिस की 10 कंपनियां बुला ली हैं। ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हिंसा भड़कते ही आसपास के ग्रामीण इलाकों से अलग-अलग युवाओं के ग्रुपों ने नूंह शहर की तरफ कूच कर दिया। हथियारों से लैस इन लोगों ने रास्ते में आने वाले वाहनों में तोड़फोड़ की और लूटपाट मचाई।
नूंह शहर में बवाल के बाद हालात इस कदर खराब हो गए कि व्यापारी भी खौफ में आ गए। नूंह अनाज मंडी में कुछ व्यापारियों से लूटपाट की बात सामने आई। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के ओएसडी जवाहर यादव ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। आसपास के जिलों की पुलिस नूंह पहुंच चुकी है। लोगों से घरों से बाहर ना निकलने की अपील की गई है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नूंह में उत्पन्न हुई स्थिति पर हाई लेवल बैठक के बाद कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासन को तुरंत मौके पर भेजा गया। फिलहाल नूंह समेत सभी जगह स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष निकलने वाली एक सामाजिक यात्रा पर कुछ लोगों ने पत्थरबाजी और पुलिस को भी निशाना बनाया। सुनियोजित और षडयंत्र पूर्ण तरीके से यात्रा को भंग किया गया, जो बड़ी साजिश की तरफ इशारा करती है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बहाली के लिए आगे आएं।
मनोहर लाल ने कहा कि अभी तक कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, कुल 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुल 5 लोग (2 पुलिस और 3 सिविलियन) की मौत की सूचना अभी तक है। नूंह से बाहर के लोग जो इस घटना में शामिल थे उनकी पहचान की जा रही है, किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।
