श्री राम नाटक क्लब हटली हिमाचल के पहला क्लब जहाँ 65 वर्षों से हो रही शुद्ध रामायण,स्वर्ण सिंह
हटली में स्थानीय प्रधान ने मुख्यतिथि को शिरकत, पहले दिन क्लब ने दर्शाए रामायण दृश्य,
बंगाणा, उपमण्डल बंगाणा के श्री राम नाटक क्लब हटली में 65 बी शुद्ध रामायण मंचन का शुभारंभ स्थानीय पँचायत प्रधान स्वर्ण सिंह राणा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करके वेद मंत्रों के साथ किया। क्लब में पहुंचने पर मुख्य तिथि स्वर्ण सिंह राणा का क्लब के सदस्यों ने स्वागत किया। और स्मृतिचिन्ह देंकर समानित किया। मुख्यतिथि स्वर्ण सिंह के साथ उनकी धर्मपत्नी एबम हटली पँचायत की पूर्व प्रधान रही उषा देवी और बेटी भी मौजूद थी। मुख्यतिथि ने मंच से सम्बोधन में कहा कि बीते 65 वर्षों से लगातार हटली क्लब में शुद्ध रामायण का मंचन होना सराहनीय है। उन्होंने क्लब के सभी कलाकारों के हौसला बढ़ाई में कहा कि निशुल्क भाव से पहले एक माह रिहर्सल करना फिर दस दिन नवरात्रों में शुद्ध रामायण मंचन करना और ऊपर से हर क्लब के सदस्य कलाकार ने 1100 रुपये सदस्यता के रूप में देना बहुत ही सराहनीय है। इस पर कुछ भी बोलने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें हिमाचल प्रदेश के हर कोने में जाने का मौका मिलता है। और कई बड़े शहरों में हमने रामलीला भी देखी है। लेकिन इतिहास बता रहा है। कि जो शुद्ध रामायण का मंचन हटली में होता है। वह किसी भी शहर में नहीं होता है। और श्री राम नाटक क्लब हटली राज्य में पहले स्थान पर है। यह बात मैं दावे के साथ कह सकता हूँ। बही मुख्यतिथि ने क्लब के लिए 31 सौ रुपये ओर अष्ठवी के दिन अशोक बाटिका के लिए फल प्रदान किये। बही हटली क्लब में प्रथम दिबस की शुद्ध रामायण के मंचन में नारद को समाधि भंग करने का कामदेव द्वारा प्रयास करना दशरथ द्वारा श्रवण का वध एबम दशरथ के पुत्रयेष्ठि यज्ञ करना और अयोध्या में चार पुत्रो का जन्म आदि दृश्य दिखाये गए। बही दशरथ श्रवण ओर नारद अभिनय को जनता ने खूब सराहा। ओर खड़े होकर पूरे पंडाल ने तालियों से अभिनन्दन किया। क्लब के निदेशक बिपन साजन ने बताया कि हर दिन क्लब में रामायण मंचन के बाद क्लब द्वारा तीन ईमान एबम क्लब के कलाकार बिबेक शील शर्मा द्वारा अपने पिता स्व रामेश्वर शर्मा की याद में हर दिन 9 बम्पर ईमान निकाले जाते है। और यह रामायण से सम्बंधित बच्चों को प्रश्न डालकर बिल्कुल परदर्शता से पंडाल में बैठे दर्शकों से पर्ची निकाल कर निकाले जाते है। बही दशरथ की भूमिका में संजय सोनी,श्रवण की भूमिका में विवेकशील, बाशिष्ठ की भूमिका में सुरेंद्र राणा,श्रीगि ऋषि की भूमिका में पूर्ण राणा,राजा इंद्र की भूमिका में दिनेश खत्री बिष्णु की भूमिका में अबनीश सोनी,माता लक्ष्मी की भूमिका में अंकुश बर्ज़ाता, नारद की भूमिका में कुलदीप शर्मा, मन्त्री की भूमिका में अमन शर्मा अजमेर सिंह, कमलदेव शास्त्री ब्रह्मा की भूमिका में राहुल शर्मा सुरेश शर्मा संदीप मोनू गायक केशवानन्द शर्मा ने अपना अभिनय दिया।
