March 16, 2026

फसल अवशेष जलाने पर होगी सख्त कार्रवाई : एसडीएम

एसडीएम रेणुका नांदल ने उपमंडल के किसानों से किया फसल अवशेष प्रबंधन तकनीक अपनाने का आह्वान

ब्लॉक व ग्राम स्तर पर मॉनिटरिंग टीमें सक्रिय, फसल अवशेष जलाने पर सख्त निगरानी

एसडीएम रेणुका नांदल ने कहा कि गेहूं की फसल कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष (फाने) जलाना न सिर्फ एक दंडनीय अपराध है, बल्कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने व कार्रवाई करने के लिए प्रशासन द्वारा ब्लॉक स्तर पर टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों द्वारा उपमंडल में किसानों व आमजन को फसल अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है व उसके भारी नुकसानों से अवगत भी करवाया जा रहा है।
एसडीएम रेणुका नांदल ने बताया कि उपायुक्त प्रदीप दहिया के निर्देशानुसार उपमंडल से लेकर ब्लॉक स्तर व ग्राम स्तर तक विशेष निगरानी टीमें गठित की गई हैं जो खेतों पर निगाह बनाए हुए हैं। कहीं भी फसल अवशेष जलाने की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि खेतों में अवशेष जलाना वायु गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित करता है, जिससे सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा इससे मिट्टी की जैविक संरचना नष्ट होती है, जिससे कृषि उत्पादकता पर भी विपरीत असर पड़ता है।
एसडीएम ने कहा कि प्रशासन किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक उपायों व यंत्रों का उपयोग करते हुए फसल अवशेष प्रबंधन करने का आह्वान करता है। उन्होंने ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने के मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, वायु (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम, और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तहत पाबंदी है। साथ ही, किसानों की सब्सिडी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी रोका जा सकता है। ऐसे में किसानों से आह्वान किया जा रहा है व वह फसल अवशेष प्रबंधन करें और अपने खेतों में फसल अवशेषों को आग ना लगाएं।

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