March 9, 2026

स्कूल स्ट्राइक का संबंध ईरान में आईआरजीसी ठिकाने पर हुए अमेरिकी हमले से

मीडिया ने नए वीडियो में किया दावा

वाशिंगटन, ईरान के मिनाब शहर में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नौसैनिक अड्डे पर हुए हमले से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक इमारत को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हवाई हमले को दिखाया गया है। यह अड्डा एक प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार 28 फरवरी को हुए हमले में उस स्कूल के 160 से अधिक विद्यार्थियों की मौत हो गई थी। सेमी-ऑफिशियल ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर न्यूज की ओर से साझा किया गया यह वीडियो पहली बार उस इलाके में मिसाइल गिरते हुए दिखाता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सीएनएन की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि यह उन बढ़ते सबूतों में से एक है जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर इल्ज़ाम लगाने के हालिया दावों को गलत साबित करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार यह वीडियो पास के एक निर्माण स्थल से बनाया गया है। इसमें एक ऐसी मिसाइल दिखाई देती है, जो अमेरिका की टॉमहॉक लैंड अटैक मिसाइल (टीएलएएम) जैसी लगती है। यह मिसाइल आईआरजीसी के अड्डे के अंदर एक स्थान पर जाकर गिरती दिखाई देती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इजराइल टॉमहॉक मिसाइल का इस्तेमाल नहीं करता।
जेम्स मार्टिन सेंटर फॉर नॉनप्रोलिफरेशन स्टडीज़ के शोध सहयोगी सैम लेयर ने सीएनएन से कहा कि वीडियो में दिख रही मिसाइल टॉमहॉक मिसाइल की विशेषताओं से मेल खाती है। लेयर के अनुसार, सबसे पहले यह मिसाइल देखने में टीएलएएम जैसी लगती है। इसका आकार क्रॉस की तरह होता है, जिसमें बीच में पंख लगे होते हैं और पीछे की तरफ टेल किट होता है।
लेयर ने यह भी कहा कि वीडियो की लोकेशन से पता चलता है कि एक क्रूज मिसाइल अड्डे के बीच में स्थित इमारतों में से एक पर गिरती है। हालांकि वीडियो में स्कूल पर सीधे हमला होते हुए नहीं दिखता, लेकिन संभावना है कि स्कूल पर हुआ हमला भी उसी कार्रवाई का हिस्सा था।
सीएनएन ने जिन अन्य हथियार विशेषज्ञों से बात की, उन्होंने भी इस आकलन से सहमति जताई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को मिनाब के स्कूल पर हुए हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि सीएनएन और कई अन्य मीडिया संस्थानों के विश्लेषण इससे अलग संकेत देते हैं।
वहीं ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार मिनाब के स्कूल पर हुए हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया गया है।
ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी ने शुक्रवार को कहा कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में अब तक कम से कम 1332 ईरानी नागरिक मारे जा चुके हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा हजारों लोग घायल हुए हैं।

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