February 16, 2026

संसार में शांति एवं प्रेम फैलाते जाएं-सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज

संजीव डोगरा, दौलतपुर चौक
संत निरंकारी भवन में रविवार को जिला स्तरीय महिला निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया जिसमें संत निरंकारी मिशन की प्रमुख सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने प्रवचनों की अमृतवर्षा करके सभी को निहाल कर दिया।इस समागम में मुख्यातिथि के रूप में बहन उषा कालिया,मुखी महात्मा वासुदेव सिंह,संचालक सतीश कुमार सहित सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु भक्त एवं प्रभु प्रेमी सज्जन उपस्थित रहे।सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने आह्वान किया कि संसार में शांति एवं प्रेम फैलाते जाएं। उन्होंने बताया कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के उपरांत हृदय से जब भक्त और भगवान का नाता जुड़ जाता है, तभी वास्तविक रूप में भक्ति का आरंभ होता है। हमें स्वयं को इसी मार्ग की ओर अग्रसर करना है। उन्होंने बताया कि भक्ति केवल एक तरफा प्रेम नहीं यह तो ओत-प्रोत वाली अवस्था है। जहां भगवान अपने भक्त के प्रति अनुराग का भाव प्रकट करते हैं, वहीं भक्त भी अपने हृदय में प्रेमाभक्ति का भाव रखते हैं।उन्होंने कहा कि यदि हम किसी स्वार्थ की पूर्ति के लिए ईश्वर की स्तुति करते हैं, तो वह भक्ति नहीं कहलाती। भक्ति तो हर पल, हर कर्म को करते हुए ईश्वर की याद में जीवन जीने का नाम है। यह एक हमारा स्वभाव बन जाना चाहिए।इस मौके पर सतगुरु माता ने कहा कि जीवन का जो सार तत्व है वह शाश्वत रूप में यह निराकार प्रभु परमात्मा है। इससे जुड़ने के उपरांत जब हम अपना जीवन इस निराकार पर आधारित कर लेते हैं, तो फिर गलती करने की संभावनाएं कम हो जाती हैं। हमारी भक्ति का आधार यदि सत्य है तब फिर चाहे संस्कृति के रूप में हमारा झुकाव किसी भी ओर हो, हम सहजता से ही इस मार्ग की ओर अग्रसर हो सकते हैं।इससे पहले प्रस्तुत भजनों ने माहौल भक्तिमय कर दिया।इसके उपरांत अटूट लंगर का आयोजन किया गया।

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