विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला राहत एवं पुनर्वास समिति मंडी की समीक्षा बैठक
मंडी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को मंडी जिले में आपदा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में पुनरुद्धार कार्य मनरेगा योजना के अंतर्गत कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का इस पर विशेष जोर है कि पंचायतों-गांवों में अधिक से अधिक पुनरुद्धार कार्य मनरेगा में किए जाएं, जिससे बड़े पैमाने पर लोग लाभान्वित हों। उन्हें आर्थिक संबल मिले। विक्रमादित्य सिंह मंडी में जिला राहत एवं पुनर्वास समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंत्री ने बैठक में आपदा से हुए नुकसान का विभागवार ब्योरा लिया तथा पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मंडी जिले में अब तक मनरेगा में 255 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए स्वीकृति दी जा चुकी है। आपदा से जुड़े मनरेगा कार्यों के लिए ग्राम सभा के प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए खंड विकास अधिकारी कार्यालय में सीधे आवेदन कर सकते हैं। मंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को मनरेगा में काम को लेकर विस्तृत योजना बनाने को कहा। उन्होंने डीआरडीए के परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि वे हर 15 दिन में मनरेगा में पुनरुद्धार कार्यों को लेकर समीक्षा करें। मनरेगा मस्टरोल, सामान खरीद जैसी व्यवहारिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करें। उन्होंने मंडी जिले में लोक निर्माण तथा जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड समेत सभी अधिकारियों की कठिन परिस्थिति में तीव्रता से कार्य कर सेवाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के लिए सराहना की। उन्होंने आगे भी इसी प्रकार समर्पित प्रयासों के साथ जमीन पर काम करते रहने को कहा। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि मंडी जिले में 7 से 15 जुलाई के मध्य हुई भीषण बारिश से 650 करोड़ का अनुमानित नुकसान हुआ है। अभी आकलन जारी है ऐसे में ये आंकड़ा और बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि इस आपदा में मंडी जिले में लोक निर्माण विभाग को 221 करोड़, जल शक्ति विभाग को 202 करोड़ तथा विद्युत बोर्ड को करीब 46 करोड़ तथा बागवानी, कृषि, शिक्षा इत्यादि विभागों को करीब 34 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
विक्रमादित्य सिंह ने आपदा के वृहद प्रभाव तथा पुनरुद्धार योजना को लेकर उपायुक्त को विस्तृत रिपोर्ट बनाने को कहा। उन्होंने उपायुक्त से जिले के सभी विभाग प्रमुखों से पुनर्निर्माण कार्य और भविष्य के लिए एहतियाती कदमों को लेकर उनकी तकनीकी राय लेने तथा उसे रिपोर्ट में शामिल करने को कहा, ताकि बरसात में जान माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री से चर्चा से चर्चा करके मजबूती से काम किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को ब्यास नइी से उठाए जा रहे पीने के पानी की रैंडम सैंपलिंग करने को कहा। साथ ही सीवरेज व्यवस्था को शीघ्र सुचारू करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सार्वजनिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए।
