March 12, 2026

राहुल गांधी ‘लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’, एलपीजी के मुद्दे पर राजनीति कर रहे: निशिकांत दुबे

नई दिल्ली, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जुबानी हमला किया। भाजपा सांसद ने संसद परिसर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा सांसद ने दावा किया कि विपक्ष के कई कार्यक्रमों और आंदोलनों के पीछे विदेशी फंडिंग का हाथ है। निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा कि चाहे भारत जोड़ो यात्रा हो या फिर सैम पित्रोदा के साथ जुड़ी गतिविधियां, इन सबको जॉर्ज सोरोस से समर्थन मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोरस ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए 100 करोड़ रुपए दिए। भाजपा सांसद ने राहुल गांधी को ‘लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’ बताते हुए कहा कि वह विभिन्न मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश करते हैं। दुबे ने कहा कि एलपीजी से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार पहले से ही चिंतित है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों की एक तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि उस तस्वीर में राहुल गांधी समेत विपक्ष के कुछ सदस्य चाय पीते हुए दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कहा कि संसद कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है और गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बजाय इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। भाजपा सांसद ने कहा कि कि स्पीकर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मकर द्वार पर किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन नहीं होगा और संसद परिसर में चाय-कॉफी के साथ विरोध-प्रदर्शन भी नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता दिखाने के बजाय विपक्षी नेता अपने साथियों के साथ चाय-कॉफी पीते हुए, बिस्किट और टोस्ट खाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं, जो किसी पिकनिक जैसा प्रतीत होता है। भाजपा सांसद ने आगे कहा कि सरकार एलपीजी से जुड़ी समस्याओं को लेकर गंभीर है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक एजेंडा चला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब विदेशी एजेंडा को आगे बढ़ाने की कोशिश है।
निशिकांत दुबे ने संसद में आंदोलन के नाम पर इस तरह की गतिविधियां करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कदम उठाया जाना चाहिए।

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