January 28, 2026

भारत-रूस संबंध विशेष रणनीतिक साझेदारी पर आधारित: पुतिन

मास्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बहुत जल्द भारत का दौरा कर सकते हैं। लेकिन उनसे पहले उनका एक बयान खूब चर्चा में है। जहां उन्होंने भारत के साथ संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा है कि रूस और भारत के संबंध विशेष रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं। पुतिन ने उम्मीद जताते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर ये प्रयास करते रहेंगे कि सभी क्षेत्रों में हमारे द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत होते रहे। जिनसे दोनों देशों को लाभ हो। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के संबंध विशेष हैं। मुझे विश्वास है कि हमारे द्विपक्षीय संबंध प्रगाढ़ होते रहेंगे। दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध से हमारे मूलभूत हित पूरे होंगे और ये अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के भी अनुरूप होगा। पुतिन ने रिपब्लिक डे के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामना संदेश में कहा कि 75 साल पहले अस्तित्व में आए भारत के संविधान में भारत के लोकतांत्रिक विकास की नींव रखी। तभी से आपके देश ने सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और अन्य क्षेत्रों में सार्वभौमिक सफलता हासिल की और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में पहचान बनाई है।

बता दें कि पीएम मोदी पिछले साल जुलाई में रूस के दो दिवसीय दौरे पर गए थे। वो 22वें रूस-भारत समिट में हिस्सा लेने मॉस्को गए थे। इसके बाद वो ब्रिक्स समिट के लिए रूस के कजान शहर भी गए थे। इसमें सबसे अहम बात ये है कि पुतिन की ओर से ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका रूस पर लगातार दवाब बना रहा है। ट्रंप किसी भी हाल में रूस यूक्रेन युद्ध रुकवाने का मूड बना चुके हैं। इसके लिए वो कोई भी कदम उठाने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले कहा था कि वो जितनी जल्दी हो सके रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करना चाहते हैं। उनके यूक्रेन के साथ समझौता भी करना चाहते हैं। उन्होंने अपने काउंटर पार्ट को यूक्रेन में युद्ध खत्म करने या हाई टैरिफ या कड़े प्रतिबंध का सामना करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने ये बातें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कही है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से कभी भी मिलने को तैयार हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने आगाह किया कि अगर रूस, यूक्रेन के मुद्दे पर बातचीत के लिए आगे नहीं आता है तो रूस पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि अगर पुतिन बातचीत के लिए आगे नहीं आते हैं तो क्या अमेरिका रूस पर और भी प्रतिबंध लगाएगा तो ट्रंप ने कहा कि ऐसा ही लगता है।

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