हाईवे प्रोजेक्ट मामले में पीएम की मीटिंग से पहले एक्शन मोड में पंजाब सरकार, पुलिस फोर्स की रखी मांग
चंडीगढ़ – पंजाब में हाईवे प्रोजेक्टों को लेकर जमीन अधिग्रहण में हो रही देरी के कारण प्रोजेक्ट के कैंसिल होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी समीक्षा मीटिंग करने जा रहे है। इस मीटिंग से पहले पंजाब सरकार एक्शन मोड में नज़र आ रही है।
पंजाब के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने डीजीपी गौरव यादव को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने डीजीपी से अनुरोध किया कि मालेरकोटला और कपूरथला में हाईवे के जमीन संबंधी एक्वायर करने के लिए पुलिस बल प्रदान करे, ताकि उक्त हिस्सों पर प्रोजेक्ट की जमीन संबंधी पूरा किया जा सकें। मुख्य सचिव की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री 28 अगस्त को दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस संबंध में उपायुक्तों के साथ समीक्षा करने पर, यह पाया गया है कि दो बहुत छोटे लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सों मलेरकोटला में (1.34 किलोमीटर की दूरी) और कपूरथला में (लगभग 1.25 किलोमीटर की दूरी) पर 27 अगस्त, 2024 तक कब्जा लिया जा सकता है। यदि दोनों जगह पर पुलिस फोर्स मुहैया करवाई जाती है।बता दें कि पंजाब में नेशनल हाईवे प्रोजेक्टों की जमीन अधिग्रहण को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तरफ से पंजाब सरकार को पत्र लिखा गया था। उन्होंने कहा था कि अगर जमीन अधिग्रहण में देरी की गई तो प्रोजेक्ट कैंसिल किए जा सकते हैं।
