January 25, 2026

राष्ट्रीय धार्मिक सांस्कृतिक एकात्मकता का प्रतीक हिमाचल प्रदेश का सार्वजनिक गणेशोत्सव

   हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में महाराष्ट्र की तर्ज पर विभिन्न गणेश मंडलों द्वारा श्री गणेशोत्सव आयोजित करवाये जाते हैं। इनमें सर्वप्रथम श्री मांडव्य नगर गणेशोत्सव,श्री तुंगल नगर गणेशोत्सव और जिला ऊना का श्री अम्बिकानगर-अम्ब गणेशोत्सव भी सम्मिलित हैं। इस बार का श्री मांडव्य नगर सार्वजनिक गणेशोत्सव  हिमाचल प्रदेश में भीषण बाढ़ विभीषिका से पुनर्वास और पुनर्स्थापन हेतु पूर्णतः समर्पित होकर हिमाचल के बहुविधि सर्वांगीण विकास क्रान्ति हेतु समर्पण भावना से आयोजित किया जा रहा है। लोकमान्य बालगंगाधर तिलक जी द्वारा स्थापित राष्ट्रीय धार्मिक सांस्कृतिक सार्वजनिक गणेशोत्सव अपनी स्थापना के 131 साल पूरे कर रहा है। इसी तर्ज पर हिमाचल प्रदेश का सबसे प्राचीन सार्वजनिक गणेशोत्सव अपनी स्थापना के 35 वें बर्ष में बड़े ही धूम-धाम से प्रवेश करवाने हेतु ग्यारह दिवसीय कार्यक्रम 19 से 29 सितम्बर तक आयोजित किया जा रहा है।  सार्वजनिक गणेशोत्सव में कुल्लू घाटी के श्री देव बड़ा छमाहुं बहुत बार हज़ारों देवलुओं के साथ इस उत्सव को चार चांद लगवाते आयें है।   हर साल की तरह इस साल भी श्री मांडव्य नगर गणेशोत्सव की जिला मंडी के श्री बाबा भूतनाथ मंदिर में जोरदार तैयारियां शुरू हो गई है। श्री मांडव्य ऋषि नगर छोटी काशी जिला मंडी शहर का यह सबसे पुराना सार्वजनिक गणेशोत्सव है जो कि अपनी स्थापना के 35 वें जन्मोत्सव में प्रवेश करके गोल्डन जुबली की ओर सतत् अग्रसर हो रहा है। श्री मांडव्य नगर गणेशोत्सव के नामकरण से सुप्रसिद्ध सबसे प्राचीन गणेशोत्सव आयोजन के राजा स्वयं भगवान श्री गणपति राजा का श्री स्वयम्भू बाबा भूतनाथ में शुभागमन हो गया है। 

सर्वविदित है कि इस सार्वजनिक गणेशोत्सव का प्राकट्य वैदिक रीति से स्वर्गीय पंडित रूप चंद शास्त्री जी ने सन् ईस्वी 1989 में स्थानीय जनपद श्री मांडव्य नगर छोटी काशी में सर्वप्रथम आयोजित करवाया था। वर्तमान में उनके वंशजों द्वारा यह परिपाटी लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।
इन दिनों उनके प्रपौत्र श्री अभय शर्मा और अर्णव शर्मा दोनों भाई इस आयोजन की बागडोर संभाले हुए सार्वजनिक गणेशोत्सव के माध्यम से विशुद्ध धार्मिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान,मेल मिलाप और पारस्परिक सद्भावना का स्वस्थ संचार करवाने में अग्रणी भूमिका के लिए समर्पित है।
समूचा पौराणिक श्री मांडव्य नगर छोटी काशी जिला मंडी शहर गणपति उत्सव की रंगत में रंगने को पूर्णतया उन्मुख हो गया है।
श्री मांडव्य नगर के राजा की अलौकिकता है कि स्वयं भगवान गणपति जी, विभिन्न गणेश मंडलों द्वारा विभिन्न मंदिरों में आयोजित गणेशोत्सव आयोजनों से अद्वितीय है तथापि सबसे पहले वैदिक रीति से आम जनमानस की भावनाओं से ओत-प्रोत होकर सबसे बाद में यानि सभी गणेशोत्सव मंडलों की पूजा सम्पन्न करा सबसे बाद में अपने गणेश लोक को सदानीरा श्री व्यास गंगा नदी में विसर्जित होकर समूचे शहर को अभयदान का आशीर्वाद देने पुनः हर साल आते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *