ननखड़ी विकास खंड की पंचायतों को आपदा प्रबंधन हेतु आवश्यक उपकरण करवाएं उपलब्ध
रामपुर बुशहर, 09 जनवरी — प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंचायत आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र (PERC) योजना आरंभ की है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की समस्त पंचायतों में आपात परिस्थितियों के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंचायत में पंचायत आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, स्थानीय आपदा प्रतिक्रिया दलों का गठन किया जा रहा है तथा स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं अथवा अन्य आपात स्थितियों में प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप के निर्देशानुसार जिले की सभी पंचायतों को आवश्यक आपदा प्रबंधन उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
यह जानकारी देते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला के प्रलेखन समन्वयक गौरव मेहता ने बताया कि आज ननखड़ी विकास खंड की 17 पंचायतों को योजना के अंतर्गत सेफ्टी हेलमेट, लाइफ जैकेट, 50 मीटर रस्सी, सर्च लाइट, ताला-चाबी सहित धातु का ट्रंक, सीटी, फोल्डिंग स्ट्रेचर, तिरपाल, दो व्यक्तियों के लिए टेंट, गैंती, कुल्हाड़ी, फावड़ा, हथौड़ा, एल्यूमिनियम सीढ़ी, प्राथमिक उपचार किट तथा मेगाफोन प्रदान किए गए।
उन्होंने बताया कि उपकरणों के वितरण के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों को इनके उपयोग संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई है, जिससे ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन की क्षमता और अधिक सुदृढ़ हो सके। इस योजना के माध्यम से पंचायतें जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन प्रणाली से प्रभावी रूप से जुड़कर आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने में सक्षम होंगी।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी ननखड़ी कार्तिके डोगरा भी उपस्थित रहे।
