बकाए को लेकर प्राइवेट अस्पतालों का सरकार को दिया अल्टीमेटम
सरकार ने उन्हें पिछले इलाज का भुगतान नहीं किया है
ऊना : प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश (पीएचएएचपी) ने एक फरवरी से हिमकेयर कार्ड स्वीकार न करने की चेतावनी दी है।
पीएचएएचपी के प्रधान रितेश सोनी का कहना है कि सरकार ने उन्हें पिछले इलाज का भुगतान नहीं किया है। प्राइवेट अस्पतालों में अब तक हिमकेयर स्कीम के तहत कार्ड धारकों को निशुल्क इलाज की सेवा मिल रही थी। इलाज का खर्च सरकारी हेल्थ इंश्योरेंस योजना के तहत उठाया जा रहा था। अब कई महीनों से सरकार द्वारा निजी अस्पतालों को भुगतान न करने के कारण यह गतिरोध उत्पन हुआ है। इससे उन मरीजों को नुकसान होगा जो प्रदेश के निजी अस्पतालों में नि:शुल्क आधुनिक सेहत सेवाओं का लाभ उठा रहे थे।
संस्था का आरोप है कि इससे निजी अस्पताल कंगाली की कगार पर पहुंच गए हैं। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के अस्पतालों की आर्थिक हालत अब बिगड़ चुकी है तथा अब हारकर हमें सत्यग्रह का मार्ग पकडऩा पड़ रहा है। एक फरवरी से हम हिमकेयर कार्ड को स्वीकार नहीं करेंगे। यह स्कीम जनता को राहत दे रही थी लेकि जब तक सरकार हमारे पिछले बिलों के भुगतान नहीं कर देती, हम हिमकेयर के अंतर्गत मिलने वाली कैशलैस सेहत सेवाएं बंद रखेंगे।
उन्होंने कहा कि दवा और स्वास्थ्य उपकरण आपूर्तिकर्ता (मेडिसिन एंड इक्विपमेंट सप्लायर) आपूर्ति बरकरार रखने में अनिच्छुक हो रहे हैं क्योंकि उन पर भी निजी अस्पतालों की आपूर्ति के भारी लंबित बिलों का बोझ है और इस स्थिति के कारण सभी पर गंभीर मानसिक और वित्तीय तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि लगभग 100 से अधिक निजी अस्पताल हैं जो सरकार की योजना का सम्मान कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को अनसुना कर रही है, जिसके कारण अधिकांश निजी अस्पताल कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर राज्य भर में निजी स्वास्थ्य संस्थानों का बकाया नहीं चुकाया गया तो फरवरी के पहले सप्ताह में सांकेतिक बंद रहेगा और मांग न माने जाने पर इसे अनिश्चितकालीन तक हिमकेयर कार्ड का बहिष्कार किया जायेगा।
हालांकि, हम आयुष्मान भारत कार्ड लाभार्थियों की सेवा जारी रखेंगे क्योंकि हमारा मानना है कि इस स्कीम के अधीन केवल वास्तविक योग्य वंचित आबादी को ही यह विशेषाधिकार प्राप्त है। स्वास्थ्य सरकारी अधिकारियों से अनुरोध है कि वे हमारी दुर्दशा को समझें और राज्य स्वास्थ्य कार्डों का सम्मान न करने के लिए किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य न हों। हिमाचल प्रदेश के लोगों से भी अनुरोध है कि वे हालत की नजाकत को समझें और सहयोग करें।
