February 18, 2026

ब्रह्मोस लेने भारत पहुंचे इंडोनेशिया के राष्ट्रपति

प्रबोवो सुबियांतो गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं

नई दिल्ली: पिछले कई सालों में भारत आसियान देशों के बहुत करीब पहुंचा है। इनमें से एक देश इंडोनेशिया है जिसके साथ संबंध सबसे ज्यादा मजबूत होते नजर आए हैं। भारत इंडोनेशिया संबंध बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि इस बार गणतंत्र दिवस समारोह पर भारत की तरफ से इंडोनेशिया को आमंत्रित किया गया। अब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भारतीय गणतंत्र दिवस की शोभा बढ़ाने वाले हैं। इस गणतंत्र दिवस की शोभा बढ़ाने के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का विमान अब भारत की सरजमीं पर लैंड भी कर चुका है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति अब भारत आए हैं तो वो न सिर्फ भारत के सबसे बड़े समारोह का हिस्सा बनेंगे। इसके साथ ही वो कई बड़ी ऐसी डील करने वाले हैं जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी होंगी। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति का हवाई अड्डे पर विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर कहा कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी। सुबियांतो की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों द्वारा कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौते किए जाने की उम्मीद है। वह भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति होंगे। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।

हिन्दुस्तान के हथियारों की ताकत की धमक अब दुनियाभर में सुनाई दे रही है। जिसमें सबसे पहला नाम सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का है। ये भारत की ऐसी मिसाइल है जिसकी काट दुनिया के किसी भी देश के पास नहीं है। अब इसी हथियार से ड्रैगन के शिकार की तैयारी हो रही है। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति के लिए 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सौदे को अंतिम रूप देने के करीब है। मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय ने खरीद के संबंध में जकार्ता में भारतीय दूतावास से आधिकारिक तौर पर संपर्क किया है। इस सौदे की घोषणा इंडोनेशियाई राष्ट्रपति की आगामी नई दिल्ली यात्रा के दौरान होने की उम्मीद है। समझौते को सुविधाजनक बनाने के लिए, भारत भारतीय स्टेट बैंक या किसी अन्य राष्ट्रीय बैंक के माध्यम से इंडोनेशिया को ऋण देने पर विचार कर रहा है। 1950 में सुकर्णो थे मुख्य अतिथि

इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे। इंडोनेशिया से 352 सदस्यीय मार्चिंग और बैंड दस्ता यहां कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेगा। यह पहली बार होगा कि इंडोनेशियाई मार्चिंग और बैंड दस्ता विदेश में राष्ट्रीय दिवस परेड में भाग लेगा। पिछले कुछ वर्षों में भारत-इंडोनेशिया संबंधों में मजबूती आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में इंडोनेशिया की यात्रा की थी, जिस दौरान भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया।

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