पालतू भैंस नीली रावी नस्ल ने 26 किलो दूध देकर प्रथम स्थान हासिल किया
पिहोवा, युवाओं का विदेशी रुझान होने के कारण किसान परिवारों ने भी पशुपालन बन्द कर दिया है, लेकिन गांव मुर्तजापुर में रहने वाले बाजवा परिवार का पशुपालन शौक अभी भी बरकरार है। इसी की बदौलत उनकी पालतू भैंस ने दूध का रिकार्ड बनाकर लाखों रुपयों का ट्रैक्टर ईनाम में जीता है। संयुक्त परिवार में रहने वाले लखविंद्र सिंह बाजवा व मान सिंह बाजवा ने बताया कि उनके पास इस समय अच्छी नस्ल की 40 भैंसे हैं और हीरा-2 व पाकिस्तानी नस्ल के दो भैंसे भी हैं।
इसके अलावा उत्तम नस्ल की तीन घोडिय़ां व मारवाड़ी घोड़ा है। पशुओं की देखरेख व खाने का विशेष ख्याल रखा जाता है। उन्होंने बताया पिछले दिनों मोगा,पंजाब में ऑल इंडिया स्तर पर पशु मेला लगा था, जिसमें उनकी पालतू भैंस नीली रावी नस्ल ने 26 किलो दूध देकर प्रथम स्थान हासिल किया है और ईनाम के तौर पर उन्हें लगभग साढ़े छ: लाख रुपए की कीमत का ट्रैक्टर ईनाम में मिला है।
इस भैंस का नाम भागाभरी रखा है। इससे पहले भी उनके चार पशु कुरुक्षेत्र में ईनाम जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि जितनी संख्या में उत्तम नस्ल के पशु उनके पास हैं हरियाणा पंजाब में किसी के पास इतनी संख्या में नहीं होंगे। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि पशु पालन ना छोड़ें, बल्कि अधिक से अधिक पशु रखें, ताकि वो भी उनकी भांति ईनाम जीत सकें। इस मौके पर बाजवा परिवार से यादविंद्र सिंह, खुशवंत सिंह, हर्षवीर सिंह व अमरबीर सिंह आदि लोग उपस्थित थे।
