शहीदों की स्मारक पट्टिका लगाने में खाना पूर्ति कर रही है पंचायतें
सुखविंदर/18 अगस्त/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन शहीदों को याद करने के लिए जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह न करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, मेरी माटी मेरा देश अभियान चलाने का आह्वान किया है। देश के शहीदों ने अपने सीने पर गोलियां खाई, लाठियां खाई, और कुछ नौजवान मातृ भूमि की रक्षा के लिए हंसते हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए। इसमें से एक ऐसे वीर भी आए जिन्होंने अपनी सेना बना डाली और इस फौज को आजाद हिंद फौज का नाम दे दिया।आपको बताते चलें कि आज आजाद हिंद फौज का गठन करने वाले सुभाष चन्द्र बोस की पुण्यतिथि है। इन शहीदों को याद रखने के लिए मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत पंचायत स्तर पर निर्देश दिए गए थे कि अपनी अपनी पंचायतों में मातृभूमि की रक्षा के लिए शहीद हुए जवानों के नाम स्मारक पट्टिका में अंकित किए जाएं परन्तु गगरेट विधानसभा क्षेत्र की लगभग सभी पंचायतों में खानापूर्ति करते हुए कई जगहों पर फ्लैक्स पेपर, कई जगहों पर पेंट द्वारा और कई पंचायतों में तो शहीदों के नाम लिखना ही भूल गए और आनन फानन में नाम तक ही ग़लत लिख दिए। पंचायत के प्रतिनिधि इतनी शैक्षिक योग्यता रखते हैं कि वे अपने गांव के शहीदों के नाम सही लिखना भी नहीं जानते।आम जनता ऐसी पंचायतों से विकास की क्या उम्मीद रख सकती है? यह एक चिंता का विषय है। आज इन फ्लैक्स पेपर और इन धुले हुए पेंट के बारे में खंड विकास अधिकारी हिमांशी शर्मा से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों को सही मानकों अनुसार बोर्ड 13 अगस्त तक बनाने के आदेश पूर्व में दिए गए थे। कुछ पंचायतें द्वार बरसात के कारण पेंट खराब हो जाने की स्थिति में या समय की कमी को ध्यान में रखते हुए फ्लेक्स बना दिये गये हैं,
अब पंचायत को इन्हें मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
