February 24, 2026

पाकिस्तान: कैबिनेट की बैठक में 26वें संविधान संशोधन को मंजूरी, विपक्षी दल कर रहे हैं विरोध

इस्लामाबाद : पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। देश की सत्तारूढ़ पार्टी ने रविवार को 26वें संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके खिलाफ विपक्षी दल और नागरिक समाज में व्यापक विरोध हो रहा है।

पाकिस्तान सरकार ने संविधान में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। विपक्षी दल इस संशोधन का विरोध कर रहे हैं और इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहे हैं। आरोप है कि इस संशोधन के जरिए सरकार न्यायपालिका पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है। खबरें हैं कि संशोधन के तहत चीफ जस्टिस का कार्यकाल तय किया जाएगा और न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाई जाएगी। संशोधन विधेयक को संसद में पेश कर दिया गया है और जल्द ही इस पर वोटिंग होगी।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ समेत कई विपक्षी दलों ने इस संशोधन का विरोध किया है। इनका कहना है कि यह संशोधन लोकतंत्र के लिए खतरा है और इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता खत्म हो जाएगी।

पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई ने लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया है। इस बीच, सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच लगातार टकराव हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने भी पाकिस्तान में हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखी हुई है। कई देशों ने पाकिस्तान सरकार से संविधान में संशोधन के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

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