स्वास्थ्य संस्थानों के सुरक्षा ऑडिट के लिए जिला स्वास्थ्य बोर्डों के गठन का आदेश
चंडीगढ़ : कोलकाता में हुए दुष्कर्म और हत्या के शर्मनाक व दिल दहला देने वाले मामले के खिलाफ आंदोलन कर रहे डॉक्टर समुदाय के समर्थन में आवाज उठाते हुए, पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार से पीडि़त डॉक्टर के माता-पिता के लिए 10 करोड़ रुपये के एक्स-ग्रेशिया के अलावा जल्द न्याय और दोषियों को मिसाल बनाने वाली सजा देने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से देशभर में मेडिकल पेशेवरों के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए सख्त केंद्रीय कानून लाने की भी अपील की। डॉ. बलबीर सिंह, जिनके साथ सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, अमृतसर दक्षिण से विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, बंगा से विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुखी, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के उप कुलपति राजीव सूद, सचिव (स्वास्थ्य) कुमार राहुल, एम.डी. (पी.एस.एच.सी.) वरिंदर कुमार शर्मा, आईजीपी (मुख्यालय) डॉ. सुखचैन सिंह गिल उपस्थित थे, सोमवार शाम यहां पंजाब भवन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आई.एम.ए.), पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज़ (पी.सी.एम.एस.) एसोसिएशन, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और मेडिकल एंड डेंटल टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
उन्होंने आंदोलनकारी डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि वे मेडिकल पेशेवरों के खिलाफ हमले रोकने के लिए केंद्रीय कानून लाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार सभी डॉक्टरों, खासकर महिला स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेडिकल पेशेवरों, खासकर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य की सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा ऑडिट कराने के लिए जिला स्वास्थ्य बोर्डों का गठन किया जाए।
उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमुखों को 48 घंटों के भीतर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एस.ओ.पीज) को अपने संस्थानों में लागू करने के लिए भी कहा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में कहीं भी डार्क स्पॉट कोने नहीं होने चाहिए और रात की शिफ्ट के दौरान जब भी महिला मेडिकल पेशेवर को दूर के वार्डों में मरीजों को देखने जाना हो, तो उनके साथ दो पुरुष स्टाफ सदस्य जरूर होने चाहिए। पंजाब सरकार द्वारा डॉक्टर समुदाय को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए, डॉ. बलबीर सिंह ने सभी डॉक्टरों से अपनी हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी फिर से शुरू करने की अपील की, क्योंकि इससे मरीजों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नुकसान हो रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल समुदाय के लिए न्याय की मांग का समर्थन कर रही है। इस दौरान सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने कहा कि महिला शिकायत निवारण सेल को भी सक्रिय किया जाएं।
