दो बार विधायक, एक बार परिवहन मंत्री रहे केवल सिंह पठानिया का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
रघुनाथ शर्मा बेबाक, नूरपुर: पूर्व मंत्री व नुरपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय कांग्रेस नेता रहे वज़ीर केवल सिंह पठानिया का आज उनके पैतृक गांव वासा वजीरां मैं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर नूरपुर के सभी विभागों ने उन्हें भावभिन्न श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा पूर्व वन मंत्री राकेश पठानियां, जिला कांग्रेस अध्यक्ष करण सिंह पठानिया व कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नूरपुर पुलिस द्वारा पूर्व मंत्री को राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को सलामी के साथ अंतिम विदाई दी गई। सरकार की तरफ से उपमण्डल नूरपुर तहसीलदार राधिका सैनी के माध्यम से उनके घर वालो को दुःख की इस बेला पर सांत्वना दी गई जबकि नायव तहसीलदार ने उनके पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि भेंट की।
इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में उनके चाहने वालों ने उनके अंतिम दर्शन किए।
राजनीतिक सफर का संक्षिप्त विवरण
वज़ीर केवल सिंह पठानिया का राजनीतिक जीवन संघर्ष और उपलब्धियों से भरा रहा। डॉ बाई एस परमार के मंत्री मंण्डल में उपमंत्री उनके पिता के घोर विरोध के बावजूद उन्होंने अपनी राजनीतिक राह खुद बनाई। 2 बार विधायक, एक बार परिबहन मंत्री रहे वज़ीर केवल सिंह पठानियां ने कांग्रेस परिवार से जुड़े होने के बावजूद, आजाद और अन्य दलों से चुनाव लड़कर अपनी अलग पहचान बनाई। शुरुआती राजनीतिक दौड़ में नुरपूर से दूसरे दिग्गज नेता रहे स्वर्गीय सत महाजन के कट्टर राजनीतिक दुश्मन रहे केवल सिंह पठानियां की राजनीतिक सुलह पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र द्वारा करवाने के बाद उनको ज्वालामुखी विधानसभा से चुनाव लड़वाकर कांग्रेस द्वारा कभी न जीतने वाली विधानसभा सीट जितवाकर अपने मंत्रिमंडल में परिबहन मंत्री के पद पर आसीन किया।
सादगी व ईमानदारी की मिसाल 88 वर्षीय केवल सिंह पठानिया ने अपना सामाजिक व राजनीतिक सफर पूरी ईमानदारी से पूरा किया। पाठक उनकी ईमानदारी इसी बात से लगा सकते है कि दो बार विधायक व एकवार कविना मंत्री रहने के बावजूद राजनीति से रिटायर होने तक वो अपनी पत्नी सहित पुस्तैनी स्लेटपोश मकान में रहकर अपनी खेती बाड़ी खुद देखते थे।
