लोदीपुर में अधिकारियों ने संभावित बाढ़ की रोकथाम के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा की
अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं
सचिन सोनी, आनंदपुर साहिब, सतलुज नदी के किनारे के गांवों के लोगों को बाढ़ के खतरे के बारे में जानकारी दी गई। मानसून सीजन के दौरान संभावित बाढ़ और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए आराधना खोसला ने जमीनी स्तर पर जाकर प्रगति की जांच करने और ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के उद्देश्य से आज लोदीपुर गांव का दौरा किया। नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि बाढ़ आने का खतरा हो, लेकिन प्रशासन का प्राथमिक कर्तव्य है कि पहले से इंतजाम कर लिया जाए ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। लोगों की जान-माल की रक्षा करना प्रशासन का प्राथमिक कर्तव्य है, इसलिए शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के निर्देशों और डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रीति यादव के नेतृत्व में संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों का दौरा किया जा रहा है। ये वो इलाके हैं जहां हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भाखड़ा बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण किसी तरह के खतरे की आशंका है, इस बार सरकार ने इन जगहों पर उचित इंतजाम किए हैं। प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है, प्रभावित क्षेत्रों को बाड़ लगाकर सुरक्षित कर दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर आकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं, अन्य विभागों का काम, सड़कें, डिस्पेंसरी, स्कूल, बिजली, पानी सप्लाई जैसी आम जनजीवन की समस्याएं भी सुनकर समाधान किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें, केवल नियंत्रण कक्ष या तैनात सरकारी अधिकारियों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का लगातार आकलन किया जा रहा है।
