अधिकारी अच्छा काम कर रहे, कोई विवाद नहीं: सुक्खू
मंत्री-अफसर जंग पर मुख्यमंत्री की सफाई
दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सरकार के भीतर चल रहे क्षेत्रवाद बनाम अफसरशाही के विवाद पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का बचाव किया और कहा कि मंत्रियों और अफसरों के बीच कोई बड़ा विवाद नहीं है। हालांकि, धरातल पर स्थिति इसके उलट है, जहाँ मंत्री और अधिकारी आमने-सामने हैं। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यूपी और बिहार के कुछ आला आईएएस-आईपीएस अधिकारी हिमाचल में हिमाचलियत की धज्जियां उड़ा रहे हैं और वे जनसेवक के बजाय शासक बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इन अधिकारियों को समय रहते निपटने की चेतावनी भी दी। राजस्व मंत्री जगत नेगी और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विक्रमादित्य के बयान का विरोध किया। अनिरुद्ध सिंह ने यहाँ तक कह दिया कि अगर कोई मंत्री काम नहीं करवा पा रहा, तो यह उसकी कार्यशैली की कमी है।
प्रदेश के आईएएस और आईपीएस एसोसिएशन ने विक्रमादित्य के बयान की कड़ी निंदा की है। आईपीएस एसोसिएशन ने तो सरकार से यहाँ तक मांग कर दी है कि वे विक्रमादित्य सिंह के साथ ड्यूटी नहीं करेंगे।
राजस्व मंत्री ने आईपीएस एसोसिएशन के बयान को गलत बताया है और कहा है कि 19 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस गंभीर मसले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
अपने विरोधियों को जवाब देते हुए विक्रमादित्य ने पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर पुराना हमला बोला और एनएचएआई अधिकारियों के साथ हुई मारपीट की याद दिलाई। उन्होंने साफ किया कि वे टकराव नहीं चाहते, लेकिन प्रदेश के हितों से समझौता भी नहीं करेंगे।
