March 3, 2026

जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी : प्रो. चंद्र कुमार

नूरपुर, कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने आज संयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित उपमंडल स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पूर्व विधायक अजय महाजन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में विभागीय अधिकारियों के अतिरिक्त जन शिकायत निवारण समिति के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्यों ने भाग लिया। विभिन्न सदस्यों द्वारा अलग-अलग विभागों से संबंधित शिकायतों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान कृषि मंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निवारण में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर ठोस एवं प्रभावी निर्णय लेना है, ताकि न्यूनतम समयावधि में लोगों को विकास का लाभ और न्याय मिल सके।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा भी की गई। कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि 80 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुके विकास कार्यों के लिए 31 मार्च से पूर्व धन का प्रावधान किया जाएगा, ताकि उन्हें शीघ्र पूर्ण कर जनता को समय पर लाभ प्रदान किया जा सके। इसके अतिरिक्त सभी विभागों को मार्च के पश्चात आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना तैयार कर उसे त्रैमासिक आधार पर मॉनिटर करने के निर्देश दिए गए।
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि कई बार विकास कार्य फॉरेस्ट क्लीयरेंस से संबंधित मामलों के कारण लंबित रह जाते हैं, जिससे धन का समय पर उपयोग नहीं हो पाता। उन्होंने अधिकारियों को वन विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्तर पर बिजली, पेयजल और सड़कों के रखरखाव को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि ग्रामीण व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता से किए गए अपने वादों और गारंटियों को पांच वर्षों में पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों से किया गया ओल्ड पेंशन स्कीम का वादा पूरा कर अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध की है। इसके अलावा राज्य सरकार प्राकृतिक रूप से उगाई गई गेहूं, मक्की, जौ और कच्ची हल्दी की फसलों को क्रमशः 60 रुपये, 40 रुपये, 60 रुपये एवं 90 रुपये प्रति किलो की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। भैंस के दूध को 61 रुपये प्रति लीटर तथा गाय के दूध को 51 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। किसानों से 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ऑर्गेनिक गोबर खाद की खरीद भी की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। कृषि विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे ब्लॉक को चार जोन में विभाजित कर ऑर्गेनिक खेती के लिए किसानों की पहचान की जाए, ताकि क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एसडीएम अरुण शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मोहिंदर धीमान,डीएसपी चंद्रपाल सिंह,अधिशासी अभियंता दीपक कुमार, बीडीओ दिव्या यादव, जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद बलौरिया, डीएफओ संदीप कोहली, एमएस डॉ. अनुपमा शर्मा, एसडीएएमओ डॉ. आर.के. शर्मा, बीईईओ वीना शर्मा, फूड इंस्पेक्टर मनोज कुमार, एसएमएस संजीव, एसवीओ मनीष गुप्ता, एडीओ विजय, माइनिंग इंस्पेक्टर विनय कुमार,बीडीसी रोजी जम्वाल तथा गैर-सरकारी सदस्य जितेंद्र और रवि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।

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