बंदी सिखों की रिहाई को लेकर निहंगों ने दी मुख्यमंत्री आवास घेरने की चेतावनी
2500 से भी ज्यादा पुलिस कर्मी सड़कों पर तैनात
चंडीगढ़ : चंडीगढ़ और मोहाली की सीमा पर स्थित वाईपीएस चौक पर बंदी सिखों की रिहाई के लिए बैठे प्रदर्शनकारियों को आज पूरे 2 साल हो गए हैं। 7 जनवरी 2023 को वाआईपीएस चौक पर प्रदर्शनकारियों ने पक्का धरना लगाया था। आज 2 साल पूरे होने पर भी प्रदर्शनकारी वाईपीएस चौक पर धरना दे रहे हैं।
एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को मुख्यमंत्री आवास घेरने की सूचना दी थी जिसके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से यहां पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बैरिकेट्स लगाकर रूट को डायवर्ट किया गया है।
बता दें कि वाईपीएस चौक चंडीगढ़ और मोहाली का बॉर्डर है। पहले एक साल तक दोनों तरफ का मार्ग बंद था जिस कारण चंडीगढ़ जाने व वहां से आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती थी।
हाई कोर्ट के संज्ञान के बाद मोहाली पुलिस व प्रशासन ने एक तरफ का रास्ता खुलवा दिया था लेकिन प्रदर्शनकारी इस जिद्द पर अड़े हैं कि जब तक बंदी सिखों की रिहाई नहीं होती तब तक वह वाईपीएस चौक से अपना धरना खत्म नहीं करेंगे।
वाईपीएस चौक को मंगलवार छावनी में तब्दील कर दिया गया। एसएसपी मोहाली दीपक पारिख से लेकर पुलिस के सभी आलाधिकारी मौके पर मौजूद हैं। प्रदर्शनकारी बंदी सिखों की रिहाई न होने पर नाराज हैं और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करना चाह रहे रहे हैं।
मोहाली पुलिस के साथ ही चंडीगढ़ पुलिस भी अलर्ट है। मोहाली पुलिस के आला अधिकारियों ने जिले के सभी थानों के मुख्य अधिकारियों को बुलाकर विभिन्न चौक पर तैनात होने के आदेश दे दिए हैं।
मंगलवार को सुबह से ही मोहाली पुलिस ने धरनास्थल और उसके आसपास के इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया। करीब 10 बजे पुलिस मुलाजिम, होमगार्ड, कमांडो और दंगा रोधी पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। 2500 से भी ज्यादा मुलाजिम सड़कों पर तैनात हैं।
