February 25, 2026

सांसद विक्रमजीत साहनी विश्व धर्म संसद, शिकागो में वक्ता के रूप में आमंत्रित

श्री आनंदपुर साहिब 2 अगस्त (चौवेश लतावा) सांसद विक्रमजीत साहनी को विश्व धर्म संसद, शिकागो में वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह वही मंच है जहां स्वामी विवेकानन्द ने 1893 में शिकागो में दुनिया को अपने संबोधन से हैरान कर दिया था। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद शरणार्थी संकट के मद्देनजर उनके परोपकारी कार्यों के कारण, उन्हें 16 अगस्त को शिकागो में ‘अफगान सिखों और अन्य अल्पसंख्यकों के पलायन’ विषय पर एक सत्र के लिए वक्ता के रूप में आमंत्रित किया जा रहा है। साहनी ने अकेले ही 500 से अधिक अफगान हिंदुओं और सिखों को निकालने के लिए अपने खर्च पर 3 चार्टर्ड उड़ानें काबुल भेजीं थी। उनके पुनर्वास के लिए ‘मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी’ कार्यक्रम शुरू किया। श्री साहनी ने सभी अफगानी सिख और हिंदू शरणार्थी परिवारों को दिल्ली में किराए पर आवास उपलब्ध करवाए हैं। आज भी उनके मासिक घरेलू खर्च और चिकित्सा स्वास्थ्य बीमा का भुगतान कर रहे हैं। साथ ही इन दुखी व पीड़ितों परिवारों के समग्र पुनर्वास के लिए श्री साहनी ‘सन फाउंडेशन’ का नेतृत्व कर रहे है। श्री विक्रमजीत सिंह साहनी स्वयं मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर में शरणार्थी बच्चों को निःशुल्क कौशल विकास प्रदान कर रहे हैं। विश्व धर्म संसद, शिकागो के इस निमंत्रण पर श्री साहनी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इतनी प्रतिष्ठित संस्था ने उन्हें आमंत्रित किया है। विश्व धर्म संसद शिकागो में उन्हें उस दर्द और पीड़ा के बारे में बोलने के लिए आमंत्रित किया है जो अफगान सिखों और हिंदुओं को उस भयानक पलायन के दौरान सहना पड़ी। लेकिन जैसा कि हमारे संतों और पूर्वजों ने हमें सिखाया था कि हमें कठिन समय में कमजोरों की मदद के लिए हाथ बढ़ाना चाहिए, मैंने ‘मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी’ कार्यक्रम शुरू करके वही किया है। साहनी ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर बोलने के अलावा, वे शिकागो में विश्व धर्म संसद में ‘बेवताना’ नामक फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग का भी उद्घाटन करेंगे। यह फिल्म हमारे स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त की सुबह अफगान सिख और हिंदू शरणार्थियों के पलायन और पुनर्वास पर आधारित है।

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