45 वर्ष से 60 वर्ष आयु वाले अविवाहित पुरुषों के लिए भी मासिक पेंशन देने की शुरुआत की है
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मई 2022 में सरकार ने वृद्धावस्था सम्मान भत्ते को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा और तबसे अब तक लगभग 1 लाख 40 हजार वृद्धों का भत्ता ऑटोमेटिकली शुरू किया जा चुका है। इस समय प्रदेश में 18 लाख 52 हजार 85 बुजुर्गों को लगभग 506 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि प्रतिमाह प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री सीएम की विशेष चर्चा कार्यक्रम के तहत ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑटोमेटिक ढंग से वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पाने वाले लाभार्थियों से सीधा संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन के अलावा सरकार विधवा महिलाओं, गंभीर बिमारी से ग्रस्त व्यक्तियों और दिव्यांग व्यक्तियों को भी पेंशन का लाभ देती है। इनके अलावा, अब सरकार ने विधुर को भी 40 साल की आयु के बाद तथा 45 वर्ष से 60 वर्ष आयु वाले अविवाहित पुरुषों के लिए भी मासिक पेंशन देने की शुरुआत की है। इस प्रकार राज्य में कुल 30 लाख लोगों को मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज वृद्धावस्था भत्ते का लाभ बुजुर्गों को ऑटोमेटिक ढंग से मिल रहा है। जैसे ही कोई व्यक्ति 60 वर्ष का हो जाता है, तो उसको मोबाइल पर मैसेज आता है कि आप वृद्धावस्था भत्ते के लिए पात्र हो गये हैं और इसके लिए सहमति ली जाती है। उनकी सहमति के बाद ऑटोमेटिक ढंग से व्यक्ति को वृद्धावस्था सम्मान भत्ता मिलना शुरू हो जाता है। यह सब परिवार पहचान पत्र के कारण संभव हो सका है।
